प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अमृत महोत्सव के दौरान पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की जिन इलेक्ट्रिक एसी सिटी बसों को हरी झंडी दिखाई, उनमें सफर के लिए आम जनता को कम से कम एक हफ्ते का इंतजार करना पड़ेगा। इसकी वजह अधिकतर बसों का अब तक पंजीयन का न होना और कंपनी का संचालन के लिए पूरी तरह से तैयारी का न होना है।
लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ये बसें जिन रूट पर चलेंगी, उनके कुछ चार्जिंग प्वाइंट अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हो सके है। कंपनी इन बसों की मेंटेनेंस खुद कराएगी। इसके चलते ट्र्रांसपोर्ट कंपनी ने मेंटेनेंस कर्मचारियों का पूरा ब्योरा मांगा है। वहीं, ट्रांसपोर्ट कंपनी का संचालन कंपनी के पक्ष में लेटर ऑफ क्रेेडिट आदेश जारी करना बाकी है। इसके तहत शासन से तीन माह तक फंड न मिलने पर भी संचालन कंपनी को देयों का भुगतान होगा। वहीं, छोटी-छोटी औपचारिकताएं भी बाकी हैं।