प्रदेश के सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में प्रधानाध्यापकों की भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 30 वर्ष निर्धारित की गई है। प्रधानाध्यापक पद पर भर्ती के लिए सहायक अध्यापक भर्ती की शैक्षिक योग्यता के साथ किसी मान्यता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल में पांच वर्ष का अनुभव भी अनिवार्य किया गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक के साथ बीएड, बीटीसी या डीएलएड की डिग्री और टीईटी होगी और आयु सीमा 21 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है।
एससी/एसटी और ओबीसी अभ्यर्थियों को आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट मिलेगी। बेसिक शिक्षा निदेशक, भर्ती परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को उनके गुणांक और विकल्प के अनुसार ऑनलाइन ही जिला व स्कूलों का आवंटन करेंगे। बीएसए निदेशक से प्राप्त सूची के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। इसके बाद संबंधित स्कूल प्रबंधन को नियुक्ति के लिए आदेश देंगे।
मान्यता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में भी प्रधानाध्यापक भर्ती के लिए प्रबंधन और प्रबंध कार्यकारिणी के दो सदस्यों की समिति गठित की जाएगी। सहायक अध्यापक भर्ती के लिए भी प्रबंधक, स्कूल प्रधानाध्यापक और प्रबंधन के दो सदस्यों की समिति बनेगी।
वहीं, बीएसए के अनुमोदन के बिना किसी सहायक शिक्षक या प्रधानाध्यापक का किया गया निलंबन 60 दिन बाद प्रभावी नहीं रहेगा। बीएसए के अनुमोदन के बिना किसी भी सहायक अध्यापक या प्रधानाध्यापक को हटाया नहीं जा सकेगा।
हाई स्कूल परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक होने पर पांच गुणांक, इंटरमीडिएट में 55 प्रतिशत अंक होने पर 5.5 गुणांक, स्नातक में 60 फीसदी अंक होने पर 6 गुणांक, बीएड/बीटीसी या डीएलएड में 58 प्रतिशत अंक होने पर 5.8 गुणांक और भर्ती परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक होने पर 48 गुणांक जोड़े जाएंगे। इस प्रकार अभ्यर्थी की कुल 70.3 अंक के आधार पर वरीयता तय होगी।