प्रदेश में कांग्रेस की सरकार में मंत्री रहे सत्यदेव त्रिपाठी की बेबाकी किसी से छिपी नहीं है। वह कहते हैं, पिछले ढाई दशक की राजनीति में जातिवाद हावी हो चुका है। वह भी इस कदर कि जाति के नशे में लोग भ्रष्टाचार के मामलों को भी दरकिनार कर देते हैं। सिस्टम के रग-रग में बस चुका भ्रष्टाचार लोगों के भीतर अब गुस्सा पैदा नहीं करता। पहले ऐसा नहीं था। पहले राजनीति और राजनेता शुचिता, ईमानदारी और पारदर्शिता के प्रतिबिंब माने जाते थे। आज हालात यह हैं कि विपक्ष तो कहीं दिखता ही नहीं। अब तो सिर्फ सत्ता पक्ष है या फिर सत्ता का आकांक्षी पक्ष।
त्रिपाठी अपनी स्मृतियों को साझा करते समय उस दौर में पूरी तरह से डूब जाते हैं। कहते हैं, 1950 और 60 के दशक में इलाहाबाद दक्षिणी विधानसभा सीट से छुन्नन गुरु चुनाव लड़ा करते थे। छुन्नन गुरु को हराने के लिए पं. जवाहर लाल नेहरू के अलावा लाल बहादुर शास्त्री भी लगे, पर बात नहीं बनी। मतदाताओं ने उन्हें कई बार विधानसभा में पहुंचाया। ऐसा तब होता था, जब खर्च के नाम पर उनकी जेब में फूटी कौड़ी नहीं हुआ करती थी। प्रचार में लगे कार्यकर्ताओं को खुद लोगों के बीच जाकर अपने खाने-पीने का इंतजाम करना पड़ता था।
अब तो विपक्ष भ्रष्टाचार-जातिवाद पर हमला ही नहीं बोलता
मुझे यह स्वीकार करने में रत्ती भर भी झिझक नहीं है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा। इस लिहाज से उनकी छवि बेदाग है। लेकिन, जब तक बहुतायत में इस तरह के राजनेता नहीं होंगे, तब तक व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव नहीं हो सकता। आज तो स्थिति यह है कि विपक्ष अपनी भूमिका में ही नहीं रहता। भ्रष्टाचार और जातिवाद पर वह हमला नहीं बोलता, बल्कि अपने अनुकूल जातिवाद की सीढ़ी चढ़कर ही सत्ता पाना चाहता है। क्या पक्ष और क्या विपक्ष सभी का मूल मंत्र भ्रष्टाचार और जातिवाद बन गया है। इसीलिए तो मैं कहता हूं कि आज दो ही पक्ष बचे हैं, सत्ता पक्ष और सत्ता का आकांक्षी पक्ष।
आमने-सामने
भाजपा सरकार से ऊब गई जनता
सपा सरकार ने मंडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय दिया था। इस सरकार ने उसकी प्रगति रोक दी। सपा सरकार ने तमाम सड़कें बनवाई थीं। इस सरकार ने टूटी सड़कों तक की मरम्मत नहीं कराई। ग्रामीण सड़कें चलने लायक नहीं हैं। कहने के लिए सिद्धार्थनगर व बस्ती में मेडिकल काॅलेज दिए, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की जबर्दस्त कमी है। किसान व्यापारी को धान बेचने को मजबूर है और खाद मिल नहीं रही है। खाद पर सब्सिडी देनी चाहिए, लेकिन नहीं दी। कानून-व्यवस्था की हालत बदतर है। शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हैं। एक भी शिक्षक को पदोन्नति नहीं दी गई। आम जनता भाजपा सरकार से ऊबी हुई है और अखिलेश की ओर देख रही है। सपा सत्ता में आने जा रही है। - माता प्रसाद पांडेय, सपा नेता व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष
योगी के नेतृत्व में फिर बनेगी सरकार
पीएम मोदी व सीएम योगी की डबल इंजन सरकार ने मंडल के तीन में से दो बस्ती व सिद्धार्थनगर जिले में मेडिकल काॅलेज बनाए। बस्ती से सिद्धार्थनगर और सिद्धार्थनगर से गोंडा जाने वाला मार्ग नेशनल हाईवे हुआ। नौगढ़-उसका मार्ग एनएच होगा। संतकबीरनगर से सिद्धार्थनगर, बहराइच गोंडा नई रेलवे लाइन को मंजूरी मिली। लगभग सभी क्षेत्रों में नए राजकीय डिग्री काॅलेज, इंटर काॅलेज और पालीटेक्निक का निर्माण हुआ। सिद्धार्थनगर में पांच नई नगर पंचायतों का गठन हुआ। मुफ्त कोविड वैक्सीन और राशन के साथ किसानों को 6000 रुपये किसान सम्मान निधि, धान व गेहूं की रिकाॅर्ड खरीद व भुगतान सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में भाजपा 350 सीट के साथ दोबारा सत्ता में आएगी। -सतीशचंद्र द्विवेदी, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)