लखनऊ। मछली में पाया जाने वाला ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड कैंसर कोशिकाओं को रोकने में कारगर है। इसलिए मछली खाने वाले लोगों में कैंसर का खतरा कम होता है। यह दावा लखनऊ विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एम. सेराजुद्दीन ने अपने शोध में किया है।
प्रो. सेराजुद्दीन के मुताबिक, उन्हें सरकार की रिसर्च एंड डवलपमेंट योजना के अंतर्गत अनुदान मिला था। इसके बाद उन्होंने इस विषय पर शोध शुरू किया। उसमें यह निकलकर आया कि मछली खाने वाले लोगों का शरीर कैंसर की कोशिकाओं से लड़ने में सक्षम होता है। उनका यह शोध न्यूट्रिशन एंड कैंसर जनरल में प्रकाशित हुआ है। प्रोफेसर ने बताया कि कैंसर की रोकथाम के लिए उपयोग होने वाले ओमेगा 3 को औषधीय पौधों के बीजों में पाया जाता है। लेकिन मछलियों में पाया जाने वाला ओमेगा 3 और 6 प्यूफा (पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड) कई गुना अधिक बेहतर है।
रोहू मछली की लिपिड से थमा कैंसर
प्रो. सेराजुद्दीन ने बताया कि उन्होंने अपने शोध में पुष्टि के लिए पुणे से प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाओं को मंगवाया। इसके बाद रोहू मछली के लिपिड के साथ इस पर शोध करना शुरू किया। इसमें जो नतीजे आए वे चौकाने वाले थे। उन्होंने पाया कि मछली लिपिड से कैंसर कोशिकाओं का विकास थम गया। साथ ही कैंसर सेल को प्रयोगशाला में प्यूफा से उपाचारित करने पर भी परिणाम सकारात्मक देखने को मिले।