दोनों बुजुर्गों की हत्या की सूचना पर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, रामदयाल की अर्जुनपुर इटौंजा में दो बीघा जमीन है। इसी जमीन में 6.5 बिस्वा का सौदा अलीगंज के कारोबारी सुमित त्रिवेदी से कर लिया था जिसकी कीमत 57 लाख रुपये तय हुई थी। इस जमीन का अग्रिम भुगतान भी सुमित ने कर दिया था।
यह रकम दो किस्तों में राम दयाल के खाते में 11.5 लाख और शांति के बेटे मोनू के खाते में 4 लाख रुपये जमा कराई जा चुकी थी। इसकी जानकारी होने पर राम दयाल के बेटों ने विरोध किया जिस पर रामदयाल ने उन्हें भगा दिया।
इसी बात को लेकर सोमवार देर रात को तीन बेटे राम मिलन, प्रवीण उर्फ पांडेय, संतोष कुमार और दो पोते अवनीश कुमार व राहुल सेमरागौढ़ी पहुंचे। वहां रात करीब 10 बजे विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि पांचों ने मिलकर राम दयाल और शांति का गला शॉल से घोंट दिया। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। इसके बाद वे वहां से भाग निकले। शांति के बेटे संजय को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने रात करीब एक बजे पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू की।
डीसीपी उत्तरी रईस अख्तर के मुताबिक, वारदात की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को पांचों आरोपियों के बारे मे जानकारी मिली। पुलिस ने दबिश देकर पांचों आरोपियों को मड़ियांव इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जब जमीन बेचने और रकम के बारे में बातचीत की गई तो राम दयाल के बोलने से पहले ही शांति ने धमकी देनी शुरू कर दी।
शांति ने कहा कि तुम लोगों को जमीन तो दूर की बात है, एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिलेगी। इसी बात पर गुस्सा आ गया। विरोध किया तो मारपीट पर उतारू हो गई। इस पर गुस्से में शॉल से दोनों का गला घोंट दिया। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ कर उन्हें जेल भेज दिया है।