लखनऊ। पारा के हंसखेड़ा की कांशीराम कॉलोनी में छह साल के पोते संग रहने वाली बुजुर्ग सरोज सोनी की रविवार भोर दो बदमाशों ने हथौड़े से हमला कर हत्या कर दी। वारदात से पहले बदमाशों ने दस्तक देकर दरवाजा खुलवाया, फिर सरोज से किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद दोनों भीतर घुस आए और पोते को एक कमरे में बंद कर दिया। फिर दूसरे कमरे में हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर सरोज की हत्या कर दोनों भाग गए। पोते के शोर मचाने पर पहुंचे पड़ोसियों ने पुलिस व सरोज के परिवारीजनों को सूचना दी। पुलिस ने दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि अभी वारदात का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
मूल रूप से ग्राम काशीपुर, थाना रामसनेहीघाट, बाराबंकी की रहने वाली सरोज सोनी (60) पारा थाना क्षेत्र के हंसखेड़ा स्थित कांशीराम कॉलोनी अपने छह साल के पोते रौनक संग रहती थीं। वह घर में ही परचून की दुकान चलाती थीं। रविवार भोर करीब चार बजे रौनक के शोर मचाने पर पड़ोसी पहुंचे तो वह कमरे में बंद मिला। जबकि दूसरे कमरे में सरोज की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। पारा पुलिस ने मौका मुआयना कर रौनक से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, रौनक ने बताया कि रविवार भोर बाइक से दो युवक घर आए थे। उसकी दादी के दरवाजा खोलने पर दोनों किसी बात को लेकर उनसे झगड़ा करने लगे। इसके बाद दोनों युवक घर में घुस आए और रौनक को एक कमरे में बंद करने के बाद दूसरे कमरे में सरोज की हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर भाग गए। पारा इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि मामले में सरोज के बेटे राधेश्याम सोनी उर्फ कल्लू की तहरीर पर दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की गई है।
विवाद की जानकारी जुटा रही पुलिस
लखनऊ। हमलावरों के भोर में दस्तक देकर दरवाजा खुलवाने और किसी बात को लेकर सरोज से कहासुनी के चलते ये तो तय है कि वह दोनों को जानती थीं। ऐसे में सरोज व उनके परिवारीजनों के विवाद, पुरानी रंजिश समेत अन्य पहलुओं पर पुलिस छानबीन कर रही है। साथ ही सरोज के घर की ओर जाने वाले सभी रास्तों की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है।
दादी की हत्या से सहमा मासूम
लखनऊ। सरोज की हत्या से छह साल का उनका मासूम पौत्र रौनक काफी सहम गया है। भोर में अनजान युवकों के घर में घुसकर उसे कमरे में बंद करने और फिर दादी की हत्या करके भाग जाने से रौनक बुरी तरह से दहशत में है। यही नहीं दादी की खून से लथपथ लाश देखकर तो वह चीखकर रोने लगा, इस पर पड़ोस की महिलाओं ने उसे संभाला। पुलिस ने रौनक से बदमाशों का हुलिया पूछा मगर बुरी तरह से सहमा होने के कारण वो ठीक से कुछ बता नहीं पा रहा है। हत्याकांड के खुलासे से लेकर हत्यारों की गिरफ्तारी व उन्हें सजा दिलाने तक में रौनक की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।