फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुजुर्गों के लिए 'ओल्ड एज होम' खोलेगी सरकार!

Wed, 18 Feb 2015 12:34 AM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य सरकार बेसहारा बुजुर्गों के रहने के साथ खाने-पीने की व्यवस्था मुफ्त कराएगी। अस्पतालों में प्राथमिकता पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। पहले चरण में 25 जिला मुख्यालयों पर इनके लिए वृद्ध आश्रम खोले जाएंगे।
विज्ञापन


हर वित्तीय वर्ष में ऐसे 25-25 आश्रम खोले जाएंगे। हर आश्रम में 150 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था होगी। इसका संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से होगा। समाज कल्याण विभाग इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी कर सकता है।

समाज कल्याण निदेशालय वृद्ध आश्रम के संचालन के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं का चयन करेगा। इसके लिए वही  संस्थाएं पात्र होंगी जिनके पास सामाजिक क्षेत्र में काम करने का कम से कम पांच साल का अनुभव होगा। आश्रम के संचालन पर जिला समाज कल्याण अधिकारी नजर रखेंगे।
विज्ञापन


आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की रिपोर्ट पर ही स्वयंसेवी संस्थाओं के आश्रम संचालन का एग्रीमेंट आगे के लिए किया जाएगा। शिकायतें आने पर स्वयंसेवी संस्थाओं से किया गया करार रद्द करने के साथ उनसे वसूली भी की जाएगी। संचालन की प्रक्रिया अप्रैल 2015 से शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन

ऐसे बुजुर्गों को मिलेगा आसरा

आश्रम में रहने के लिए वही बुजुर्ग पात्र होंगे जिनका कोई सहारा नहीं हो या फिर उनके बच्चों ने उन्हें घर से निकाल दिया हो। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी और जिला समाज कल्याण अधिकारी इसके सदस्य सचिव होंगे।

आश्रम में रहने के दौरान यदि उनके बच्चे उन्हें लेने आते हैं तो जिलाधिकारी की इजाजत के बाद ही उन्हें घर भेजा जाएगा।

पहले चरण में यहां खुलेंगे आश्रम
सभी मंडल मुख्यालयों आगरा, इलाहाबाद, कानपुर, फैजाबाद, गोरखपुर, झांसी, चित्रकूट, देवीपाटन, सहारनपुर, लखनऊ, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद, वाराणसी, आजमगढ़, मिर्जापुर, बस्ती व अलीगढ़ के साथ ही सात तीर्थ स्थल वाले जिलों में इसका संचालन शुरू होगा।

अभी बुजुर्गों के लिए यह है व्यवस्था
प्रदेश में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम लागू है। इसमें बुजुर्गों को भरण-पोषण तथा संरक्षण पाने का कानूनी अधिकार दिया गया है। किसी बुजुर्ग को उसके बच्चे घर से निकाल देते हैं तो वह इस अधिनियम के तहत गठित होने वाले अधिकरण में अपनी शिकायत लेकर जा सकता है।

अधिकरण बच्चों से बुजुर्ग माता-पिता को अधिकतम 10,000 रुपये प्रति माह भरण-पोषण पाने का अधिकार दिला सकता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें