मायावती शासनकाल में हुए स्मारक घोटाले में विजिलेंस जल्द ही नोटिस भेजकर राजकीय निर्माण निगम और भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग में तैनात रहे तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ करेगी।
सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों पूर्व मंत्रियों नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा ने पूछताछ में कई सवालों को अधिकारियों पर टाला था। अब विजिलेंस उन्हीं अधिकारियों से पूछताछ करेगी। इसके बाद भी जरूरत पड़ने पर दोबारा पूर्व मंत्रियों को बुलाया जा सकता है।
दोनों मंत्रियों से पूछताछ 50 से अधिक फाइलों को खंगालने के बाद की गई थी जिसमें बतौर कैबिनेट मंत्री इनके हस्ताक्षर हैं। माना जा रहा है कि दस दिनों में ही तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इसमें कई रिटायर हो चुके हैं।