व्यवस्था के अनुसार बृहद (पदावनत करना, स्थायी रूप से वेतन वृद्धि रोकना) व लघु दंड (परिनिंदा, वेतन वृद्धि किसी निश्चित अवधि के लिए रुकना) का सामने वाले अधिकारी क्रमश: पांच व दो वर्ष तक तो पदोन्नति से बाहर ही रहेंगे, सेवा में औसत व लचर प्रदर्शन कर 80 से कम अंक पाने वाले कर्मी भी बाहर हो जाएंगे। इससे सर्वश्रेष्ठ सेवा देने वाले अफसरों की पदोन्नति का रास्ता बन गया है।
पदोन्नत अधिकारियों में वरिष्ठता का मानक बना रहेगा
100 में 80 नंबर के मानक में कनिष्ठ अधिकारी 80 से अधिक या पूर्ण अंक प्राप्त कर वरिष्ठ के साथ पदोन्नति पा सकता है। लेकिन, पदोन्नति के लिए प्राप्त अंकों के आधार पर वरिष्ठता तय नहीं होगी। पदोन्नत हो रहे अफसरों की वरिष्ठता पूर्व की तरह ही बनी रहेगी। इसके अलावा इस व्यवस्था से दंड मिलने पर अधिकारी का तय समय तक पदोन्नति से बाहर होना तय हो गया है। पहले कई बार दंड मिले होने के बावजूद अधिक नंबर पाने की वजह से अधिकारी पदोन्नति पा जाते थे।
पद रिक्त तो बेंचमार्क घटा सकेगी डीपीसी
शासन ने डीपीसी को छूट दी है कि यदि 80 नंबर के बेंचमार्क के आधार पर रिक्तियों की संख्या के हिसाब से उपयुक्त श्रेणी में चिह्नित किए गए अधिकारी उपलब्ध नहीं हो पाते हैं तो चयन समिति 80 अंक के बेंचमार्क को घटा सकेगी।
अंतिम 10 वर्षों का मतलब चयन वर्ष से ठीक 10 वर्ष पूर्व की अवधि होगी। मसलन, चयन वर्ष 2019-20 में यदि चयन 31 अक्तूबर 2019 के पूर्व संपन्न होगा, तो इसके लिए मुख्य रूप से 2008-09 से 2017-18 तक की प्रविष्टि व अन्य अभिलेखों को देखा जाएगा। यदि 31 अक्तूबर 2019 के बाद संपन्न होने वाले चयन के लिए डीपीसी की जानी है तो 2009-10 से 2018-19 तक की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों व अभिलेखों को देखा जाएगा। 48 महीने से अधिक की प्रविष्टियां पूरी न होने पर संबंधित का चयन रोक लिया जाएगा।
- 10 वर्ष की गोपनीय प्रविष्टियों के लिए इस तरह दिए जाएंगे अंक
- 12 महीने की उत्कृष्ट प्रविष्टि के लिए 10 अंक
- 12 महीने की अति उत्तम प्रविष्टि के लिए 08 अंक
- 12 महीने की उत्तम/ अच्छी प्रविष्टि के लिए 05 अंक
- 12 महीने की संतोषजनक प्रविष्टि के लिए 02 अंक
- 12 महीने की खराब/ असंतोषजनक प्रविष्टि के लिए 05 अंक घटाए जाएंगे
निलंबन अवधि कोई अंक नहीं, किंतु अप्राप्त मानते हुए औसत मूल्यांकन
03 महीने से कम अवधि की प्रविष्टि के लिए कोई अंक नहीं। प्रविष्टि अप्राप्त मानी जाएगी।
चयन समिति प्रविष्टियों के अंक देते समय संपूर्ण प्रविष्टि देखकर ग्रेडिंग करेगी।
12 महीने से कम अवधि के लिए औसत वार्षिक अंक की गणना निम्न सूत्र से होगी :
कुल प्राप्तांक×12/ कुल मूल्यांकित माह