सचिव अपर्णा उपाध्याय ने एंबुलेंस सेवा के सुचारु संचालन के लिए जीवीके से एंबुलेंस लेने की प्रक्रिया के पूरे दिशा-निर्देश सभी अधिकारियों को भेजा है। सीएमओ एंबुलेंस सेवा के संचालन व रखरखाव के लिए एक नोडल अधिकारी एंबुलेंस सेवा नामित करेंगे, जो एसीएमओ स्तर के होंगे। नोडल अधिकारी अधीन एक फॉर्मासिस्ट, एक टेक्नीशियन, एक फ्लीट प्रबंधक और एक समन्वयक एंबुलेंस सेवा प्रबंधन दल कार्य करेंगे।
जबकि जीवीके से तीनों प्रकार की एंबुलेंस को लेने के लिए जिलाधिकारियों को तीन सदस्यीय समिति का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें नोडल अधिकारी एंबुलेंस सेवा, एक टेक्नीशियन और एक सड़क सुरक्षा अधिकारी होगा।
यह समिति संयुक्त रूप से एंबुलेंस का निरीक्षण, सभी उपकरणों की क्रियाशीलता आदि की जांच वीडियो के माध्यम से करेगी। अगर कोई उपकरण कार्य नहीं करता मिला और एंबुलेंस की मरम्मत की जरूरत पड़ी तो जीवीके उसे पांच दिन के अंदर दूर करके देगी। इसके अलावा जीवीके की तरह एंबुलेंस संचालन और कर्मचारियों की भर्ती और प्रशिक्षण की व्यवस्था के निर्देश भी जारी किए गए हैं।