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अब प्रदेश में बनेंगे इलेक्ट्रिक वाहन, 50 हजार को मिलेगा रोजगार, कैबिनेट ने दी मंजूरी

Tue, 06 Aug 2019 11:23 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

  • इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग नीति-2019 को कैबिनेट ने दी मंजूरी
  • पांच वर्ष में 40 हजार करोड़ का होगा निवेश की संभावना
  • इलेक्ट्रिक वाहन बनाने व चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर छूटों की बारिश
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Electric Vehicle
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विस्तार
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प्रदेश कैबिनेट ने इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन के लिए इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग नीति-2019 को मंजूरी दे दी है। इस नीति के अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और बैट्री चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर निवेशकों को सहूलियतें व वित्तीय छूट दिए जाने की व्यवस्था की गई है। यह नीति पांच वर्ष के लिए लागू होगी। इस अवधि में 40 हजार करोड़ रुपये निवेश और 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। 
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स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तेलंगाना की नीति का अध्ययन कर अधिक प्रोत्साहन के साथ नीति तैयार की गई है। निवेशकों को प्रदेश की औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 व केंद्र सरकार की नीति के तहत मिलने वाली सुविधाओं के अलावा कई अन्य सुविधाएं देने की व्यवस्था इस नीति में की गई है।

एंकर यूनिट की स्थापना के लिए जमीन खरीदने पर सर्किल रेट या मार्केट रेट, जो कम हो, में 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। स्टांप पर छूट राज्य की मुख्य नीति के तहत मिल सकेगी। तकनीक ट्रांसफर के लिए 50 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति की जा सकेगी। 
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प्रदेश में दो लाख चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की जरूरत पड़ेगी। शुरुआत में 1000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे। चार्जिंग स्टेशन के लिए निजी निवेशक को कैपिटल सब्सिडी मिलेगी। एक स्टेशन पर 25 लाख का खर्च आता है। जमीन का खर्च छोड़कर 25 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति की जा सकेगी। यह अधिकतम छह लाख रुपये होगी।

नीति के तहत दोपहिया वाहन पर 10 हजार, तीन पहिया पर 20 हजार और बड़े वाहनों पर 40 प्रतिशत या 50 लाख तक अनुदान मिल सकेगा। रजिस्ट्रेशन फ्री होगा और रोड टैक्स में 25 प्रतिशत की छूट होगी। चार्जिंग स्टेशन पर बैट्री चार्जिंग के लिए सरकार शुरू में कॉस्ट के आधार पर रेट तय करेगी।
 
10 हजार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जल्द
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 10 हजार इलेक्ट्रिकबसों का संचालन शुरू करने की योजना है। 2024 तक 70 प्रतिशत सार्वजनिक वाहन इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य है। केंद्र सरकार पुरानी गाड़ियों को बदलने के लिए स्क्रैप पॉलिसी पर विचार कर रही है। 
 
लखनऊ समेत 10 शहर बनेंगे ईवी मॉडल सिटी  
सरकार ने 10 शहरों को ईवी मॉडल सिटी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इनमें लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा, आगरा, कानपुर शामिल हैं।
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प्रमुख सहूलियतें

  • जमीन पर छूट : मेगा एंकर इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग इकाई व अल्ट्रा मेगा बैट्री मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए भूमि खरीदने पर 25 प्रतिशत की छूट।
  • स्टांप ड्यूटी में छूट : बुंदेलखंड व पूर्वांचल में 100 प्रतिशत, मध्यांचल व पश्चिमांचल में 75 प्रतिशत और गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में 50 प्रतिशत।
  • एसजीएसटी छूट : लघु औद्योगिक इकाइयों को 5 वर्ष तक 90 प्रतिशत। मध्यम व भारी उद्योगों को 5 वर्ष तक 60 प्रतिशत, एंकर श्रेणी की इकाइयों को 10 वर्ष तक 70 प्रतिशत छूट।
  • पूंजीगत ब्याज अनुदान, इंफ्रास्ट्रक्चर ब्याज अनुदान और औद्योगिक गुणवत्ता विकास कार्यों पर अनुदान : 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से पांच वर्ष तक।
  • इलेक्ट्रिीसिटी ड्यूटी छूट : 10 वर्ष तक 100 प्रतिशत।
  • इलेक्टिकल वाहन : भूमि खरीदने के लिए लिए गए ऋण के 50 प्रतिशत ब्याज की 7 वर्ष तक प्रतिपूर्ति। यूनिट भवन निर्माण के लिए ली गई ऋण पर 60 प्रतिशत ब्याज की प्रतिपूर्ति सात वर्ष तक छूट।
  • विकासकर्ता को स्टांप ड्यूटी पर 100 प्रतिशत की छूट जबकि पार्क में व्यक्तिगत खरीददार को 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। 
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