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नहीं मिला स्वेटर, ठिठुरते हुए स्कूल जाएंगे बच्चे, जिस फर्म को टेंडर दिया वही भाग गई

Thu, 31 Oct 2019 09:46 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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ठंडी के शुरुआती दिनों में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को ठिठुरते हुए स्कूल जाना होगा। जिले में जिस फर्म को स्वेटर वितरण का टेंडर दिया गया था वह भाग गई है। उसने न तो सैंपल दिया और न ही स्वेटर की खेप पहुंचाई। जिलाधिकारी ने उसको ब्लैक लिस्ट कर दिया है और टेंडर की नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। शासन ने 31 अक्तूबर तक विभाग को स्वेटर मुहैया कराने का निर्देश दिया था, ताकि नवंबर की पहली तारीख से बच्चों को स्वेटर वितरित किया जा सके।

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जिले के परिषदीय विद्यालयों के करीब 1,87,000 बच्चों को स्वेटर के लिए अभी कई दिनों का इंतजार करना होगा। एक नवंबर से बच्चों को स्वेटर वितरित किए जाने थे, लेकिन जिस फर्म को जिले में स्वेटर उपलब्ध कराने का टेंडर दिया गया था उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमर कांत सिंह ने बताया कि जेम पोर्टल पर 6 फर्म ने जिले में स्वेटर वितरण के लिए टेंडर डाला था। जिसमें दो को अपात्र घोषित कर दिया गया था। इसमें से सबसे कम बोली लगाने वाली फर्म केकेके मिल्स, लुधियाना को टेंडर दिया गया। बीएसए ने बताया कि स्वेटर उपलब्ध कराने से पहले फर्म को उसका सैंपल उपलब्ध कराना था।
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फर्म ने न तो सैंपल उपलब्ध कराए और नही वितरण के लिए स्वेटर की खेप। कई बार नोटिस दिया गया लेकिन फर्म की तरफ से कोई जवाब ही नहीं आया। विभाग की मानें तो फर्म भाग गई है। उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई।

जिलाधिकारी ने उस फर्म का रजिस्ट्रेशन रद्द करते हुए ब्लैक लिस्ट कर दिया है। अब नए सिरे से स्वेटर वितरण के लिए निविदा मांगी गई है। जब तक दूसरी फर्म को टेंडर जारी होगा और वह स्वेटर उपलब्ध कराएगी तब तक काफी समय लग जाएगा। तब तक सुबह की ठंड भी तेज हो जाएगी। परिषदीय विद्यालयों के बच्चे तब तक ठिठुरते हुए विद्यालय पहुंचेंगे।

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