प्रदेश के विभिन्न हिस्से में फैली बीमारियों की जांच में कोरोना का कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। बल्कि बीमारी फैलने की वजह जलजनित बीमारियां हैं। इलाके में डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार, स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पायरा के मरीज पाए गए हैँ। यह खुलासा राज्य सरकार की ओर से कराई गई जांच में हुआ है। बीमारियों पर सरकार ने अपना रूख साफ करते हुए चिकित्सा सुविधाओं एवं साफ सफाई को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। प्रदेश के 58 जिलों में अब तक डेंगू के 1374 मरीजों की पुष्टि हुई है। पिछले 24 घंटे में 129 डेंगू के केस मिले हैं। इसी तरह चिकनगुनिया के 24, कालाजार के 37 केस मिले हैं।
फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा सहित अन्य जिलों में बुखार से मरीजों की संख्या बढ़ने और कई लोगों की मौत के बाद शासन की ओर से सभी जिलों में नोडल अधिकारी भेजे गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौका मुआयना करने पहुंची। इस बीच कोरोना के नए वैरिएंट की आशंका को लेकर भी पड़ताल की गई। बृहस्पतिवार को शासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि बीमारी की वजह नया वैरिएंट नहीं है। यह सभी जलजनित बीमारियां हैं। बदलते मौसम से इनका प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में शासन की ओर से चिकित्सीय सुविधाओं और साफ. सफाई को लेकर अर्लट जारी कर दिया गया है। शासन की ओर से जल जनित रोगों पर अंकुश लगाने के लिए सफाई से लेकर जलनिकासी तक की व्यवस्था कराई जा रही है। प्रदेश में डेंगू के मरीजों की पुष्टि होने पर तीन दिन में रोकथाम, रोगी के घर एवं आसपास के 50 घरों में पाइरिथ्रम का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सर्विलांस की सुविधा बढ़ाने के निर्देश
बीमारी नियंत्रण को लेकर बृहस्पतिवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्विलांस सुविधा बढ़ाने के निर्देश दिए। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे डेंगू और जलजनित बीमारियों के मामलों को देखते हुए चिकित्सा सुविधाओं और साफ. सफाई का ध्यान रखें। प्रदेश में बुखार व संक्त्रस्मण के अन्य लक्षणों के मरीजों की पहचान प्राथमिकता पर की जाए। विशेषज्ञ टीम के दिशा.निर्देशों के अनुरूप उपचार की समस्त व्यवस्था करते हुए इन बीमारियों की रोकथाम के लिए टीमों द्वारा दवाइयां तेजी से वितरित की जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि बेड, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता को सुनिश्चित कराई जाए। फिरोजाबाद, आगरा, कानपुर, मथुरा सहित अन्य जिलों में खासतौर से नजर रकी जाए।
स्वास्थ्यकर्मी घर घर जाकर बुखार पीड़ितों की करें पहचान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में साफ सफाई करान के सात ही स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर बुखार पीड़ितों की पहचान करें। सात से 16 सितंबर तक चलने वाले प्रदेशव्यापी सर्विलांस कार्यक्रम की निगरानी बढाई जाए। स्वच्छता एवं सैनीटाइजेशन का वृहद अभियान पांच सितंबर से चल रहा है। ऐसे में जिलों के नामित नोडल अधिकारी नजर रखें। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशाबहू, संगिनी, आंगनबाड़ी समेत स्वास्थ्यकर्मियों के जरिए प्रदेशव्यापी सर्विलांस कार्यक्त्रस्म किया जा रहा है। इस दौरान45 वर्ष से अधिक आयु के जिन लोगों ने अब तक कोविड वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली है उनकी सूची भी तैयार कर रहे हैं।