कानपुर रोड स्थित फीनिक्स मॉल को लेकर अब और परतें खुलने लगी हैं।
मॉल बिना पूर्णता पत्र के ही पिछले करीब चार साल से चल रहा है। कम्प्लीशन सर्टिफिकेट मानचित्र में दिए गए सेटबैक से कम जगह छोड़ने की वजह से नहीं जारी किया गया था।
यह मामला शासन में लंबित है, इसके बॉवजूद माल को न केवल शुरू कर दिया गया बल्कि पार्किंग स्पेस में और अधिक अवैध निर्माण कर दिया गया है।
एक बार फिर से एलडीए ने चेतावनी जारी कर दी है कि पार्किंग क्षेत्र की दुकानों को मॉल ध्वस्त कर दे।
यह बात दीगर है कि कम्प्लीशन के बिना मॉल किस तरह से संचालित है, इस मुद्दे पर सचिव तो सख्त हैं, इसके बावजूद कम्प्लीशन न दिए जाने पर कार्रवाई क्या होगी, यह तय नहीं किया गया।
मॉल के खिलाफ पार्किंग स्थल में दुकानों का निर्माण किए जाने का प्रकरण सामने आने के बाद सचिव अष्टभुजा प्रसाद तिवारी ने अभियंताओं को आदेश दिया था कि वे इस मामले में सख्त और तेज कार्रवाई करें।
इसके साथ ही यह भी जांच करें कि मॉल कि कम्प्लीशन की प्रक्रिया कितनी बची है। अगर बची है तो फिर इसका संचालन कैसे शुरू किया गया है।
इस प्रकरण की जांच शुक्रवार को की गई, जिसके बाद में खुलासा हुआ पूर्व में अधिक निर्माण के चलते इस मॉल की पूर्णता को हरी झंडी एलडीए ने नहीं दी थी।
30 की जगह 33 प्रतिशत जगह घेरी
फीनिक्स को लेकर अधिशासी अभियंता संजीव सिन्हा ने बताया कि शापिंग मॉल का कुल कवरेज एरिया पूरे क्षेत्रफल के 30 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। मगर फीनिक्स का कवरेज एरिया 33 फीसदी है।
मॉल प्रबंधन ने कहा था कि कुछ अन्य जगह पर उन्होंने एलडीए की दी गई रियायतों का लाभ नहीं उठाया है, इसलिए उनका कवरेज एरिया कुछ अतिरिक्त दिया जाना चाहिए।
यह प्रस्ताव प्राधिकरण की ओर से शासन को प्रेषित किया गया था, मगर शासन ने अब तक इस प्रस्ताव को पास नहीं किया है। इसलिए पूर्णता का प्रमाणपत्र भी नहीं दिया गया, मॉल का संचालन अवैध है।