सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रखर निगम ने कोर्ट में तर्क दिया कि वादिनी और वारदात की चश्मदीद विवेक तिवारी की पूर्व सहकर्मी ने गोमतीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि विवेक के साथ एसयूवी से अपने घर जा रही थी।
रास्ते में गोमतीनगर विस्तार में दो पुलिसकर्मियों ने विवेक की गाड़ी रोकने का प्रयास किया। विवेक ने बचकर गाड़ी निकलानी चाही तो आरक्षी संदीप कुमार ने सहकर्मी को डंडा मारा और प्रशांत ने पिस्टल से गोली चलाई, जिससे विवेक की मौत हो गई।