केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि लखनऊ से कानपुर के बीच 8 लेन का एक्सप्रेस-वे बनेगा। इसे एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे में तब्दील किया जाएगा। दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस लेन भी होंगी।
इसकी डीपीआर 5-6 महीने में तैयार हो जाएगी। इसके निर्माण्ा में 10 हजार करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। मंगलवार को संवाददाताओं से मुखातिब गडकरी ने उम्मीद जताई कि इसी साल दिसंबर में काम शुरू हो जाएगा।
इसके पूरा होने में दो साल का वक्त लगेगा। उन्होंने दावा किया कि इससे 80 किमी का सफर आधे घंटे में तय किया जा सकेगा।
4 घंटे में लखनऊ से दिल्ली का सफर
गडकरी ने कहा, लखनऊ से हापुड़ तक एनएच-24 को छह लेन करने के लिए डीपीआर बनवाई जा रही है। तीन साल में काम पूरा कर लिया जाएगा। इससे सीतापुर, बरेली व मुरादाबाद होते हुए लखनऊ से दिल्ली तक का सफर चार घंटे में पूरा हो सकेगा।
गडकरी ने बताया, 105 किमी लंबी लखनऊ आउटर रिंग रोड की डीपीआर मार्च तक बन जाएगी। जमीन अधिग्रहण शुरू हो चुका है। 80% जमीन मिलते ही अक्तूबर-नवंबर तक काम शुरू करवा दिया जाएगा। इस पर 11 हजार करोड़ की लागत आएगी।
8483 किमी है यूपी में राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को लखनऊ में कहा कि केंद्र सरकार ने यूपी में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई दोगुना करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय यहां राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 8483 किमी है।
इसे बढ़ाकर 17 हजार किमी करने की योजना है। उन्होंने यूपी में निर्माण कार्य के लिए हाई बिड मॉडल अपनाने पर जोर दिया। इसमें कॉन्ट्रैक्टर को जमीन अधिग्रहण समेत सभी तरह की क्लीयरेंस दिलवाना सरकार की जिम्मेदारी होती है।
कुल लागत का 40 फीसदी हिस्सा भी सरकार वहन करती है। उन्होंने कहा कि देश में सड़कों की कुल लंबाई 52 लाख किमी है, जिसमें से 96 हजार किमी राष्ट्रीय राजमार्ग हैं।
40 प्रतिशत ट्रैफिक इन्हीं करीब दो फीसदी राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरता है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़ाकर दो लाख किलोमीटर करने की योजना बनाई है। उम्मीद है, आने वाले समय में 75 फीसदी ट्रैफिक इन्हीं सड़कों से गुजरेगा।
यूपी में 95 फीसदी अड़चनें दूर: गडकरी
गडकरी ने कहा, यूपी में हाईवे निर्माण में आ रहीं 95 फीसदी अड़चनें राज्य सरकार से वार्ता के बाद दूर कर ली गई हैं। सेतु भारतम योजना के तहत यूपी में 10 बडे़ रेलवे ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे।
दिल्ली से मेरठ तक भी बनेगा एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे
डासना से मेरठ के बीच भी 50 किमी लंबी छह लेन सड़क बनाई जाएगी। इस तरह से दिल्ली-मेरठ 6-14 लेन एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा। इससे दिल्ली से मेरठ का सफर 40 मिनट का ही रह जाएगा। उप्र, दिल्ली और हरियाणा से गुजरने वाले ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का काम भी 400 दिन में पूरा होगा।
ई-टोल में बदल जाएंगे सभी टोल टैक्स बूथ
उन्होंने कहा, अप्रैल से सभी टोल टैक्स बूथों को ई-टोल में तब्दील कर दिया जाएगा। यानी, लोगों कोे एक कार्ड मुहैया कराया जाएगा। बूथ पर बने सिस्टम पर दूर से कार्ड लगाते ही टोल टैक्स की रकम उनके खाते से कट जाएगी। इससे टोल टैक्स बूथ पर जाम की समस्या खत्म होगी।
गंगा नदी पर बनेंगे 30 वाटर पोर्ट
गडकरी ने बताया कि गंगा, गोमती, बेतवा, असी, चंबल, गंडक, यमुना, वरुणा और घाघरा समेत सभी प्रमुख नदियों पर परिवहन सुविधाएं देने की योजना बनाई गई है। इससे संबंधित बिल लोकसभा में तो पास हो गया है और राज्यसभा में पास होने पर योजना लागू कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया गंगा नदी पर वाराणसी से हल्दिया तक 30 स्थानों पर वाटर पोर्ट बनाए जाएंगे। वाराणसी में मल्टी वाटर पोर्ट बनेगा, जबकि गाजीपुर में टर्मिनल बनाया जाएगा। सी-प्लेन भी गंगा पर उतर सकेंगे।
चयनित नदियों पर रोरो सर्विस भी मुहैया कराई जाएगी, यानी वाहनों को भी जल परिवहन से भेजा जा सकेगा। जल परिवहन से माल लाने-ले जाने के लिए बांग्लादेश से भी करार किया गया है।
उन्होंने अविरल गंगा-निर्मल गंगा के प्रोजेक्ट पर जोर देते हुए कहा कि इससे मछली उत्पादन भी दस गुना बढ़ जाएगा। उन्होंने जल परिवहन को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के लिए रिवर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लागू करने की बात भी कही। कहा, इससे पूरा यातायात टीवी स्क्रीन पर देखा जा सकेगा।
गडकरी ने बताया कि पिछले साल जरवल-गोंडा-बलरामपुर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में उच्चीकृत करने का फैसला किया गया था। इसे एनएच-330 बी का दर्जा देते हुए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, लेकिन राज्य सरकार की एनओसी का अभी इंतजार है।
यूपी में में 1715 किमी लंबे कुल 17 नए राष्ट्रीय राजमार्ग की घोषणा की गई है। इस पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। रायबरेली सिटी फेज-1 रिंग रोड 31 जुलाई 2017 तक पूरी कर ली जाएगी। इसके रास्ते में आ रही अड़चनें दूर कर ली गई हैं।
पीलीभीत-बहराइच-सिद्धार्थनगर-महराजगंज रोड (एनएच-730) को टू लेन विद पेव्ड शोल्डर बनाने की घोषणा की गई थी। इसकी डीपीआर तैयार हो चुकी है। जल्द ही राशि आवंटित कर दी जाएगी।