नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) ने एमएड में एडमिशन की अर्हता बदल दी है। साथ ही बीटीसी और बीएलएड करने वालों को भी एमएड की पढ़ाई का विकल्प दे दिया है।
अभी तक बीएड करने वाले ही एमएड की पढ़ाई कर पाते थे। नई व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2015-16 से लागू हो जाएगी। दूसरी तरफ बीएड कॉलेजों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों की अर्हता भी कम कर दी गई है।
अब एमए एजूकेशन के साथ बीएड करने वाला कोई भी व्यक्ति बीएड कॉलेजों में पढ़ा सकता है। इसके लिए पीएचडी, नेट या एमएड होने की अनिवार्यता नहीं रह गई है।
बीएड, बीटीसी और बीएलएड में 50 फीसदी मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट्स अब एमएड में एडमिशन ले सकेंगे। शैक्षिक सत्र 2014-15 में यही अर्हता 55 फीसदी थी। यानी शैक्षिक अर्हता में इस बार 5 फीसदी मार्क्स की छूट दे दी गई है।