आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रभारी व सांसद ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर सवाल खड़ा करते हुए सरकार सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। ट्विटर के जरिए जारी बयान में आप सांसद ने कहा कि स्वामी नरेन्द्र गिरी की मौत को लेकर तरह-तरह की खबरें आ रही हैं। इसकी सच्चाई सबके सामने आना चाहिए।
स्वामी जी के निधन पर शोक जताते हुए आप सांसद ने कहा कि बहुत से लोग उनके निधन को आत्महत्या बता रहे हैं और सुसाइड नोट मिलने की भी बात कही जा रही है। लेकिन अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा उनके निधन की खबर सुनकर बहुत आहत हूं। इस घटना से यह भी स्पष्ट हो गया है कि इस सरकार में न तो आम आदमी सुरक्षित है और न ही साधु-संतो की जान ही सुरक्षित है।
स्वतंत्र देव ने जताया शोक
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। स्वतंत्र देव ने कहा कि महंत नरेन्द्र गिरी के ब्रह्मलीन होने के समाचार से स्तब्ध हूं। नरेंद्र गिरी का स्नेह व आशीर्वाद सदैव उन्हें मिलता रहा है। उनका जाना संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, गोविंद शुक्ला, जेपीएस राठौर, सुब्रत पाठक ने भी नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
प्रदेश सरकार कराए उच्चस्तरीय जांच : स्वामी यतींद्रानंद
जीवनदीप आश्रम परमाध्यक्ष रुड़की व वरिष्ठ महामंडलेश्वर पंच दशनाम जूना अखाड़ा के स्वामी यतींद्रानंद गिरी ने कहा कि जिन परिस्थितियों में महंत नरेंद्र गिरी का निधन हुआ है, उसमें किसी गहरे षड्यंत्र से इनकार नहीं किया जा सकता है। उनसे हमारा गहरा लगाव था। बड़े प्रखर और दृढ़ निश्चयी संन्यासी थे। वह आत्महत्या नहीं कर सकते। हम प्रदेश सरकार से तत्काल उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं। महंत नरेंद्र गिरी सनातन परंपराओं का पालन करने वाले और समस्त षड्दर्शन साधु समाज व अखाड़े का समन्वय बनाकर चलते थे। उनकी मृत्यु ने संत समाज को गहरे विषाद में डाल दिया है।
गंभीरता से कार्रवाई करे सरकार: मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्विटर के जरिए कहा है कि देश के प्रख्यात व अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत की खबर अति दुखद है। जिस परिस्थिति में उनकी मौत हुई है वह अति चिंतनीय है। उनके अनुयायियों के प्रति मायावती ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार जनभावना व मामले की गंभीरता के अनुरूप संतोषजनक कार्रवाई करे।