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बुजुर्ग की गला दबाकर हत्या

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लखनऊ। चिनहट थाना क्षेत्र के जुग्गौर गांव में घर के बाहर बरामदे में सो रहे बुजुर्ग गोपी कश्यप की शुक्रवार देर रात हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह बिस्तर पर लाश मिलने पर घर वालों को वारदात का पता चला। गोपी के कानों से खून निकल रहा था और गले में खरोंच के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस अफसरों ने मौका मुआयना कर परिवारीजनों से पूछताछ की। इसमें प्रथमदृष्टया संपत्ति विवाद में वारदात को अंजाम देना प्रतीत हो रहा है। मृतक के दामाद व नाती से पुलिस पूछताछ कर रही है।
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जुग्गौर गांव निवासी गोपी कश्यप (75) के परिवार में पत्नी श्यामा देवी और तीन बेटियां सुनीता, मुन्नी, ऋतु व अन्य लोग हैं। तीनों बेटियां शादीशुदा हैं। ऋतु बाराबंकी के मसौली थाना के बड़ा गांव में अपनी ससुराल में रहती है। जबकि अन्य दोनों बेटियां जुग्गौर में पिता के घर में ही रहती हैं। शुक्रवार रात गोपी खाना खाने के बाद घर के बाहर बरामदे में चारपाई पर सो गए थे। शनिवार सुबह परिवार के लोग सोकर उठे तो गोपी चारपाई पर मृत मिले। उनके कानों से खून निकला था और गले पर खरोंच के निशान भी थे।
सूचना पर डीसीपी (पूर्वी) संजीव सुमन, एडीसीपी (पूर्वी) सैय्यद मोहम्मद कासिम आब्दी व एसीपी विभूतिखंड अनूप कुमार सिंह ने मौका मुआयना कर परिवार के लोगों से पूछताछ की। इसमें जानकारी मिली कि कुछ दिनों पहले गोपी ने अपनी जमीन बेची थी। इससे मिली रकम उन्होंने तीनों बेटियों को दी थी। मगर बेटियों को बराबर रकम न देने के चलते परिवार में कई बार झगड़ा हो चुका था। ऐसे में आशंका है कि संपत्ति बंटवारे को लेकर पारिवारिक विवाद में ही वारदात अंजाम दी गई हो। चिनहट इंस्पेक्टर घनश्याम मणि त्रिपाठी ने बताया कि गोपी कश्यप की छोटी बेटी ऋतु की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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जल्द होगा वारदात का खुलासा
जमीन बेचने से मिली रकम के बंटवारे को लेकर वारदात होना प्रतीत हो रहा है। बेटियाें को बराबर-बरामद रकम न देने के चलते परिवार में झगड़ा हुआ था। दामाद, नाती व अन्य परिवारीजनों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही वारदात का खुलासा होगा।
सैयद मो. कासिम आब्दी, एडीसीपी (पूर्वी)
चार दिन में चार बुजुर्गों की हत्या
लखनऊ। राजधानी में चार दिन के भीतर चार बुजुर्गों की हत्या से सनसनी फैल गई है। खास बात ये है कि किसी भी वारदात का अब तक खुलासा नहीं हो सका है।
माल के अटारी गांव में 24 अगस्त की रात उपनिरीक्षक द्रवेश त्रिवेदी के पिता तेज नारायण त्रिवेदी (62) की घर के बाहर सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में बिजली गिरने से मौत की बात कहने पर आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने माल थाना प्रभारी राम सिंह को सस्पेंड कर दिया था। वहीं 25 अगस्त को हुसैनगंज के लालकुआं में रहने वाली मंजू (60) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव घर के बरामदे में पड़े तख्त के नीचे मिला था। परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस छानबीन कर रही है।
26 अगस्त की रात निगोहां के रंजीतखेड़ा में घर के बाहर चारपाई पर सोते वक्त महादेव लोधी (77) की पत्थर से कूंचकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने महादेव के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। इसके चलते बगल में दूसरी चारपाई पर सो रही उनकी पत्नी को हत्या की भनक तक नहीं लगी। तीनों मामलों का पुलिस अब तक खुलासा भी न कर सकी थी कि 27 अगस्त की रात चिनहट के जुग्गौर में बुजुर्ग गोपी कश्यप (75) की घर के बाहर सोते समय हत्या कर दी गई। चारों वारदातों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। दूसरी ओर एक के बाद एक बुजुर्गों की हत्या से राजधानी में सनसनी फैल गई है। (माई सिटी रिपोर्टर)
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