कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर शुक्रवार को सरकारी अस्पतालों में पीकू-नीकू (पीआईसीयू-एनआईसीयू) की व्यवस्थाओं को परखा गया। सुबह से ही सभी अस्पतालों में एंबुलेंस से डमी मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान मरीज को रिसीव करने से लेकर वेंटिलेटर सपोर्ट पर डालने तक के रिस्पांस टाइम को जांचा गया। दो से तीन मिनट में गंभीर बच्चों को भर्ती कर आईसीयू में पहुंचाया गया। तीन से सात मिनट में वेंटिलेटर सपोर्ट पर डालने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसमें जिले के सभी अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं।
लोकबंधु अस्पताल
लोकबंधु अस्पताल में कोरोना संक्रमित डमी मरीज को एंबुलेंस सुबह करीब 11 बजे लेकर पहुंची। एंबुलेंस जैसे ही अस्पताल गेट के अंदर दाखिल हुई ट्रॉयज एरिया के डॉ. पंकज ने कोरोना प्रोटोकॉल के तहत मरीज को रिसीव किया। बच्चे को स्ट्रेचर पर लिटाकर अंदर ले जाया गया। तीमारदारों को बाहर ही रोक दिया गया। डॉ. पंकज ने बच्चे की जांच के बाद उसे एनआईसीयू में शिफ्ट करने का फैसला लिया। एनआईसीयू में डॉ. नीलोेेेम्बर और सुरेश मेहता ने उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर डाल दिया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब सात मिनट का वक्त लगा। यहां सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल भी मौजूद रहे।
लोहिया संस्थान
लोहिया संस्थान में सुबह करीब साढ़े दस बजे कोरोना संक्रमित बच्चे के आने का मेसेज मिला। एंबुलेंस के पहुंचते ही पैरामेडिकल स्टाफ बच्चे को ट्रॉयज एरिया में ले गए। यहां डॉक्टरों ने बच्चे को वेंटिलेटर सपोर्ट पर डालने को कहा। स्टाफ कामिनी कपूर, सीएनओ सुमन सिंह, एनेस्थीसिया रेजिडेंट डॉ. संजय ने बच्चे को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखने की प्रक्रिया शुरू की। इसमें छह मिनट लगे। पूरे मामले की निगरानी के लिए डब्लूएचओ की डॉ. सुरिभ त्रिपाठी, संस्थान के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. श्रीकेश समेत अन्य अफसर भी मौजूद रहे।
इन जगहों पर परखी गईं व्यवस्थाएं
पीजीआई, केजीएमयू, सीएचसी मोहनलालगंज, सीएचसी मलिहाबाद, सीएचसी गोसाईगंज, बलरामपुर अस्पताल, सिविल, एरा मेडिकल कॉलेज, टीएस मिश्रा, इंटीग्रल अस्पताल।