फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

81 साल बाद भगवा हुई पूर्व पीएम चरण सिंह की कर्मभूमि, रालोद से निष्कासित विधायक भाजपा में शामिल

Mon, 30 Apr 2018 09:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में विधायक ने समर्थकों सहित भाजपा ज्वाइन की - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

पूर्व प्रधानमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि आखिर 81 साल बाद भगवा हो गई। बागपत जिले की छपरौली सीट से रालोद के निष्कासित विधायक सहेन्द्र सिंह रमाला सोमवार को समर्थकों समेत भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय ने उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई। इसी के साथ विधानमंडल में रालोद का प्रतिनिधित्व भी समाप्त हो गया।

विज्ञापन


छपरौली वह सीट है, जहां से चौधरी चरण सिंह 1937 से 1977 तक लगातार 40 साल विधायक रहे। 1977 से 1987 में मृत्यु होने तक वह बागपत से ही सांसद रहे। लोकसभा में पहुंचने के बाद चौधरी चरण सिंह ने जिसे टिकट दिया, वही छपरौली से विधायक चुना जाता था।

1987 में उनकी मृत्यु के बाद उनके पुत्र चौधरी अजित सिंह ने जिसे प्रत्याशी बनाया, वही विधानसभा में पहुंच गया। भाजपा कभी इस सीट पर चुनाव नहीं जीत पाई। 2017 में इस सीट से रालोद के सहेन्द्र सिंह रमाला विधायक निर्वाचित हुए थे। 23 मार्च 2018 को राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद चौधरी अजित सिंह ने सहेन्द्र को रालोद से निष्कासित कर दिया था। सोमवार को सहेन्द्र भाजपा में शामिल हो गए।
विज्ञापन


भाजपा भले ही कभी छपरौली से विधानसभा चुनाव न जीती हो, लेकिन दलबदल के बाद अब छपरौली से भाजपा का विधायक हो गया है। इस तरह 1937 के बाद छपरौली अब चौधरी चरण सिंह परिवार का गढ़ नहीं रहा। विधायक सहेन्द्र रमाला के साथ बिनौली के ब्लॉक प्रमुख प्रह्लाद सिंह और छपरौली के ब्लॉक प्रमुख संजीव सिंह समेत दो दर्जन ग्राम प्रधान व अन्य लोग भी भाजपा में शामिल हुए।

विज्ञापन

मोदी-योगी पूरे कर रहे चरण सिंह के सपने : पांडेय

भाजपा मुख्यालय पर पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते हुए। - फोटो : amar ujala
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय ने कहा कि छपरौली में चौधरी चरण सिंह की जड़ें बहुत गहरी हैं। छपरौली भाजपा का परंपरागत क्षेत्र नहीं रहा। वहां के विधायक सहेन्द्र रमाला और उनके समर्थकों का भाजपा में शामिल होना महत्वपूर्ण है।

चौधरी चरण सिंह ने कांग्रेस को तिलांजलि देकर गैर कांग्रेसवाद की राजनीति शुरू की। पंडित दीनदयाल उपाध्याय और राम मनोहर लोहिया के सहयोग से वे प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। चरण सिंह के सपनों को पीएम नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ पूरा कर रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें