मायावती शासनकाल में हुए स्मारक घोटाले में प्रदेश की विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा से घंटे पूछताछ की है। इससे पहले मायावती सरकार में लोक निर्माण मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्द्की से भी पूछताछ हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक मायावती सरकार में महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे दोनों नेताओं से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर संबंधित अधिकारियों से भी जल्द ही पूछताछ की जाएगी।
बता दें कि बसपा सरकार में वर्ष 2007-12 के दौरान लखनऊ और नोएडा में कई स्मारक बनाए गए थे। इसमें करीब 1500 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। जिसकी जांच विजिलेंस कर रही है। उस समय बाबू सिंह कुशवाहा प्रदेश सरकार में भूतत्व एवं खनन मंत्री थे। बाबू सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बतौर मंत्री स्मारक का काम पूरा होने के पहले ही करोड़ों रुपये का भुगतान कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उनपर यह भी आरोप है कि उन्होंने मानक से काफी अधिक दर पर टेंडर स्वीकृत किया था।
प्रारंभिक जांच में स्मारक निर्माण के लिए टेंडर जारी करने और भुगतान से संबंधित फाइलों में भी भारी गड़बडियां मिली थी। इस प्रकरण की जांच कर रही विजिलेंस टीम ने इसी कड़ी में बाबू सिंह से पूछताथ की है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में विजिलेंस टीम को कई तथ्यों का जानकारी मिली है। इसी कड़ी में पिछले महीने विजिलेंस टीम ने तत्कालीन लोकनिर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दकी से भी पूछताछ की है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बयानों के आधार पर स्मारक निर्माण से संबंधित कई अधिकारियों से भी जल्द ही पूछताछ होगी।