शिया धर्मगुरू कल्बे जव्वाद ने प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि आजम की जौहर यूनीवर्सिटी में तालिबानियों का पैसा लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में सारा सच सामने आ जाएगा।
मौलाना ने यह भी कहा कि आजम इसी बात को लेकर बौखलाए हुए हैं। सीबीआई जांच हुई तो सच सामने आ जाएगा।
जव्वाद ने बातें बृहस्पतिवार को आयाजित प्रेस वार्ता में कही। गौरतलब है कि इन दिनों आजम और जव्वाद में शब्द युद्घ अपने चरम पर है।
कोई राजनीतिक दबाव नहीं
वहीं, शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद के नेतृत्व में होने वाला शिया महासम्मेलन 26 अगस्त के बजाय 6 सितंबर को बड़े इमामबाड़े में होगा। जव्वाद ने कहा कि निजी कारणों से कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।
उन्होंने इसके पीछे किसी दबाव से इन्कार किया। मौलाना जव्वाद ने कहा, यह महासम्मेलन किसी नेता या सियासी पार्टी के खिलाफ नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े आतंकवाद, अधिकार हनन के मुद्दे और शिया समुदाय की ताकत को लेकर इसे आयोजित किया जा रहा है।
शिया महासम्मेलन से शियों के खिलाफ गलतफहमी दूर होगी। मकसद यह है कि ऐसे लोगों की आंखें खुल जाए जो शियों की सियासी हैसियत को लेकर गलतबयानी करते हैं।
उन्होंने कहा, शिया समुदाय इतना कमजोर नहीं है कि वह अपने अधिकारों के लिए आवाज न उठा सके।
आजम को मिला खालिद का समर्थन
आजम और जव्वाद के बीच शब्द युद्घ तब एक अलग स्तर पर पहुंच गया जब दोनों के समर्थकों ने भी बयान बाजी शुरू कर दी।
ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आजम खां का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी उलमा व धार्मिक नेता को आजम खां के खिलाफ बोलने से पहले सोचना चाहिए।
उन्होंने प्रदेश के मुसलमानों को जौहर विश्वविद्यालय जैसा शैक्षिक संस्थान दिया है जिसका लाभ सीधे मुसलमानों को पहुंच रहा है।
इसलिए और ज्यादा हुए आरोप-प्रत्यारोप
आजम ने इसके पहले जव्वाद के बारे में कहा था कि ढोंगी धर्मगुरु ने ईराक के लिए जो शहीदी जत्थे तैयार किए थे उससे यह साबित हो गया है कि वे राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर के आतंकवादी हैं। जिसके बाद दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
आजम की बयानबाजी से परेशान होकर ही मौलाना जव्वाद सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से भी मुलाकात कर चुके हैं।
आजम शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव टल जाने से बेहद नाराज हैं। यहां तक कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इंतजार करा अपनी नाराजगी जाहिर की।