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बसपा के छह विधायकों के बागी होने से यूपी में एक और सियासी उठापटक की सुगबुगाहट तेज, सपा की बढ़ेगी ताकत

Thu, 29 Oct 2020 12:58 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मायावती व अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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राज्यसभा चुनाव के पहले बसपा के 6 विधायकों के बगावती तेवर के बाद उत्तर प्रदेश में जल्द ही एक और सियासी उठापटक की सुगबुगाहट तेज हो गई है। चर्चा है कि दूसरे दलों के एक दर्जन से ज्यादा विधायक साइकिल की सवारी कर सकते हैं। ये विधायक सपा नेतृत्व के संपर्क में बताए जा रहे हैं।

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दरअसल, राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने बसपा को वॉकओवर देने की तैयारी की तो सपा एकाएक सक्रिय हो गई। आनन फानन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में प्रकाश बजाज का नामांकन पत्र दाखिल कराया। उसकी रणनीति बसपा को भाजपा के पाले में खड़ा करने की थी। बसपा के आधा दर्जन विधायकों की बगावत से उसकी रणनीति कुछ हद तक कारगर भी रही।

संख्या बल को देखते हुए राज्यसभा चुनाव में सपा ने सिर्फ रामगोपाल यादव को उम्मीदवार बनाया था। ऐसी संभावना थी कि भाजपा 9 प्रत्याशी उतारेगी। नामांकन की आखिरी तिथि 27 अक्तूबर थी। भाजपा ने 26 अक्तूबर की रात को 8 उम्मीदवारों का एलान किया। नौवें प्रत्याशी पर सस्पेंस कायम रखा। सपा के हलकों में चर्चा शुरू हो गई थी कि भाजपा नौवां प्रत्याशी नहीं उतारेगी। वह बसपा प्रत्याशी को वॉकओवर देकर राज्यसभा पहुंचाएगी।

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आनन-फानन में उतारा गया प्रत्याशी

ऐसे में सपा ने भाजपा-बसपा की रणनीति को नाकाम करने के लिए 27 अक्तूबर को आनन-फानन में वाराणसी के अधिवक्ता प्रकाश बजाज का नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कराया। रणनीति यह थी कि राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान की स्थिति बने।

सपा नेताओं का कहना था कि बसपा तभी चुनाव जीत सकती है जब भाजपा उसकी मदद करे। यदि चुनाव नहीं हुए तो संदेश जाएगा कि भाजपा ने बसपा को राज्यसभा की एक सीट का तोहफा दे दिया है। इसी रणनीति के तहत सपा विधायक इरफान सोलंकी और राजकुमार यादव नाटकीय अंदाज में प्रकाश बजाज को लेकर नामांकन के लिए सेंट्रल हॉल पहुंचे।
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जल्दबाजी में कर दी गई गलतियां

प्रकाश बजाज ने राज्यसभा चुनाव के लिए निर्दलीय नामांकन दाखिल किया। जल्दबाजी ऐसी थी कि निर्वाचन अधिकारी ने प्राप्ति रसीद में प्रकाश बजाज को प्रकाश बाजपेयी लिख दिया। नामांकन फॉर्म भरते समय विधायक नवाब जान की जगह नवाब शाह लिख दिया गया। हालांकि इस पर हस्ताक्षर नवाब जान के ही हैं। शपथ पत्र में भी कुछ खामी रह गई।

नामांकन के साथ शुरू हुआ शह-मात का खेल
10 सीटों पर 11 प्रत्याशी हो जाने पर शह-मात का खेल मंगलवार को नामांकन दाखिल होने के बाद से ही शुरू हो गया था। निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार शाम जब उम्मीदवारों के शपथ पत्रों की प्रति जारी की, तभी से बसपा और भाजपा ने सपा समर्थित निर्दलीय प्रकाश बजाज के नामांकन पत्र में खामियां तलाशनी शुरू कर दी थीं। चुनावी राजनीति के दिग्गजों ने प्रकाश बजाज के नामांकन में कमी तलाश ली और उन्हें घेरने की तैयारी शुरू कर दी।
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