शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब हुए अखिलेश यादव ने न सिर्फ उमा भारती के बयान पर पलटवार किया, बल्कि भाजपा से जुड़ा एक बड़ा खुलास भी किया।
उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि भाजपा के बहुत सारे नेता नहीं चाहते थे कि आरएसएस और विहिप द्वारा प्रायोजित नेता प्रधानमंत्री बने।
वे कह रहे हैं, किसी की हवा नहीं है, लहर पार्टी की है। अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि सच तो यह है कि भाजपा के कई नेता सपा के संपर्क में आना चाहते हैं।
ऐसे बयान लोकतंत्र के लिए खतरा
सपा के कई विधायक भाजपा में शामिल होने वाले हैं, उमा के इस बयान पर प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव ने आखिकार चुप्पी तोड़ दी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के ऐसे बयान लोकतंत्र के लिए खतरा है।
विधायकों से संपर्क में रहने और लोकसभा चुनाव बाद प्रदेश सरकार गिराने संबंधी कल्याण सिंह और उमा भारती के बयानों को निर्वाचन आयोग को संज्ञान में लेना चाहिए और उन पर पाबंदी लगानी चाहिए।
भाजपा के कई नेता सपा कार्यालय आए
शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता करते समय सीएम ने कहा कि भाजपा के दो वरिष्ठ नेता सपा विधायकों के संपर्क में होने और सरकार गिराने की बातें कर रहे हैं। एक ने 60, दूसरे ने 40 विधायक संपर्क में बताए।
क्या उनके संपर्क में भी कुछ भाजपा नेता है ? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह गिनती नहीं बताएंगे।
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आज ही एक बड़े नेता ने संपर्क किया था। उन्होंने चुटकी ली, कई नेता तो पार्टी ऑफिस भी आए, लेकिन आप लोगों (मीडिया) की नजर में नहीं पड़ सके?
क्या कहा था उमा ने
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह द्वारा केंद्र में सरकार बनने पर भी सूबे की सपा सरकार से कोई छेड़छाड़ न करने की घोषणा के बावजूद अन्य नेता अपने बयानों पर कायम हैं।
वे अब भी दावा कर रहे हैं कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर सूबे की सरकार नहीं बचेगी।
उमा भारती ने मंगलवार को झांसी में दावा किया कि विभिन्न दलों के 150 विधायक सूबे की मौजूदा सरकार से पीछा छुड़ाना चाहते हैं।