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लखनऊ यूनिवर्सिटीः बगैर छुट्टी विदेश गए शिक्षक पर गिरी गाज, किए गए निलंबित

Thu, 11 Apr 2019 02:18 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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लंबे समय बाद लखनऊ विश्वविद्यालय में किसी शिक्षक का निलंबन किया गया है। यह समाजशास्त्र विभाग के शिक्षक डॉ. सुकांत चौधरी हैं, जो शैक्षिक यात्रा पर जनवरी में विदेश गए थे। आरोप है कि उन्होंने विदेश जाने के लिए अपनी छुट्टी मंजूर नहीं कराई और न ही अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया।

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शिक्षक के निलंबन पर लखनऊ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (लूटा) ने विरोध जताया है। उसने मामले पर बैठक बुलाकर आगे की रणनीति बनाने की बात कही है। विवि के शिक्षकों के शैक्षणिक यात्रा पर छुट्टी लेकर विदेश जाने की व्यवस्था है।

डॉ. सुकांत चौधरी जनवरी में शैक्षणिक यात्रा पर मॉरीशस गए थे। बताया जाता है कि उन्होंने इसके लिए आवेदन किया था, लेकिन कुलपति ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद वह 23 जनवरी को विदेश चले गए। इसके बाद उनका वेतन भी जारी किया जाता रहा।
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कुलपति के निर्देश पर कुलसचिव ने विभागाध्यक्ष से पिछले महीने गैरहाजिर चल रहे शिक्षक के बारे में जानकारी मांगी। इसके बाद अब उनका निलंबन कर दिया गया है। समाजशास्त्र विभाग के हेड प्रो. डीआर साहू के अनुसार डॉ. सुकांत चौधरी बृहस्पतिवार को भारत लौट रहे हैं।

2007 में 18 शिक्षकों का हुआ था निलंबन

डेमो
लविवि में इससे पहले 2007 में पूर्व कुलपति प्रो. आरपी सिंह ने 18 शिक्षकों का निलंबन किया था। इन्होंने कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लविवि से लेकर विधानभवन तक पैदल मार्च निकाला था। निलंबित होने वालों में वर्तमान प्रॉक्टर प्रो. विनोद भी थे। हालांकि उनके जाने के बाद अगले कुलपति प्रो. एसएस बरार ने शिक्षकों का निलंबन वापस ले लिया था।

बगैर अनुमति गैरहाजिर रहना अनुशासनहीनता
बगैर अनुमति के विदेश यात्रा पर जाना गंभीर अनुशासनहीनता है। विभागाध्यक्ष से जानकारी मांगी गई थी। अनुमति और अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी हुए बिना अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर रहने से डॉ. सुकांत चौधरी को निलंबित किया गया है। - प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, लविवि
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लूटा करेगा विरोध

विभाग से बढ़ाया गया था छुट्टी का आवेदन
डॉ. सुकांत चौधरी ने विदेश यात्रा पर जाने के लिए एक जनवरी को प्रार्थना पत्र दिया था। अनुमति मिलने की प्रत्याशा में वे 23 जनवरी को विदेश चले गए। आठ मार्च को कुलसचिव कार्यालय से डॉ. चौधरी की अनुपस्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई। पूरी स्थिति की सूचना दे दी गई थी। इसके बाद मंगलवार को उनके निलंबन का पत्र विभाग में प्राप्त हुआ है। - प्रो. डीआर साहू, विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र विभाग

लविवि कुलपति का शैक्षिक यात्रा पर गए शिक्षक का निलंबन करना गलत है। यह तानाशाही है। लूटा इस मामले पर बैठक बुलाकर रणनीति बनाएगा। यह गंभीर मामला है। लूटा इस पर विरोध दर्ज कराएगा। - डॉ. नीरज जैन, अध्यक्ष, लूटा
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