आपको बता दें कि राहुल गांधी के नामांकन को लेकर बुधवार की सुबह से ही जिला मुख्यालय गौरीगंज में कांग्रेसियों की चहल-पहल बढ़ने लगी थी। करीब 10 बजते-बजते हाथ में पार्टी का झंडा, सिर पर टोपी और गले में कांग्रेस का गमछा बांधे समर्थकों की भीड़ जमा हो गई।
मुंशीगंज से राहुल गांधी का काफिला 11:40 बजे गौरीगंज स्थित कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुआ। इसी बीच सोनिया गांधी रायबरेली के भुएमऊ गेस्ट हाउस से सड़क मार्ग से 11:40 बजे कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। दोपहर 11:58 बजे राहुल के काफिले ने गौरीगंज में प्रवेश किया तो ‘राजीव गांधी अमर रहें’ और ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारों से माहौल गूंज उठा।
बैंडबाजे बजने लगे। समर्थकों के उत्साह के बीच पूरा परिवार वाहन की छत पर खड़ा हो गया। यहां से गुलाब की पंखुड़ियों की बौछार के बीच शुरू हुआ स्वागत का सिलसिला जामों मोड़ तक तक चला। सुर्ख लाल रंग की साड़ी में प्रियंका अपने भाई के साथ लगातार लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रही थीं। भाई-बहन समर्थकों के फूल और माले वापस उन्हीं पर फेंकते रहे।
समर्थकों के उत्साह का आलम यह था कि कस्बे में स्थित वी-मार्ट से कलेक्ट्रेट का रास्ता तय करने में राहुल गांधी को करीब 40 मिनट लग गये। कलेक्ट्रेट के कक्ष संख्या-11 में करीब एक बजे राहुल गांधी ने आरओ/डीएम डॉ. राममनोहर मिश्र के समक्ष अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। इस दौरान मां सोनिया गांधी, बहन प्रियंका गांधी वाड्रा व बहनोई राबर्ट वाड्रा नामांकन कक्ष में तो भांजा रेहान और भांजी मिराया बाहर उनका इंतजार करते रहे।