आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप।
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विवेक के साथ कार में बैठी उनकी कंपनी की ही कर्मचारी सना ने बताया कि विवेक के सिर से खून बहता देख उसने मदद के लिए गुहार लगाई। कुछ देर बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तत्काल विवेक को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आईजी, एसएसपी समेत तमाम आलाधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया है। सना की तहरीर पर आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, घटना के करीब आठ घंटे बाद चोटिल हुए दोनों सिपाहियों का मेडिकल परीक्षण लोहिया अस्पताल में कराया गया। इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है।
कार के शीशे से पार हुई गोली का निशान।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि विवेक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपी सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए एसपी क्राइम के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम का गठन किया गया है। गोमतीनगर थाने को जांच न सौंपकर मामले की विवेचना महानगर एसएचओ को सौंपी गई है। इसके अलावा जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की गई है।
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एपल के सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने कहा है कि गोली मारकर हत्या करने के बाद लखनऊ पुलिस पति को चरित्रहीन साबित करने में लगी है। कल्पना ने सवाल उठाया कि गाड़ी न रोकने पर गोली चलाने का अधिकार पुलिस को किसने दिया। कल्पना तिवारी ने सीएम योगी को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि पीड़ित परिवार की जीविका चलाने के लिए उन्हें पुलिस विभाग में नौकरी दी जाए। इसके अलावा एक करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जाए।