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विवेक हत्याकांड : 2 पुलिसकर्मी बर्खास्त, सीएम योगी बोले- जरूरत पड़ी तो कराएंगे सीबीआई जांच

Sat, 29 Sep 2018 09:13 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ
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मृतक विवेक तिवारी (फाइल फोटो) और कार की सीट पर फैला खून। - फोटो : amar ujala
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लखनऊ पुलिस की मनमानी और बर्बरता ने शनिवार तड़के एपल के सेल्स मैनेजर की जान ले ली। पुलिसकर्मियों के इशारे पर मैनेजर ने गाड़ी नहीं रोकी तो सिपाही ने उस पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे युवक के सिर में जा लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। कार में मौजूद युवक के महिला मित्र की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा उन्हें बर्खास्त भी कर दिया गया है। वहीं, महिला मित्र को पुलिस ने नजरबंद कर दिया है।

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मृतक की पत्नी ने सीएम को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच कराने और एक करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की है। वहीं, इस मामले में सीएम योगी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए डीजीपी ओपी सिंह को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने एनकाउंटर की बात से इन्कार करते हुए कहा है कि जरूरत पड़ी तो मामले की सीबीआई जांच कराएंगे। 

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गोमतीनगर विस्तार में सीएमएस स्कूल के पास शुक्रवार रात करीब ढाई बजे एक कार खड़ी थी। उसी दौरान पुलिस बाइक पर सवार होकर गोमतीनगर थाने में तैनात सिपाही प्रशांत चौधरी और एक अन्य सिपाही वहां पहुंचे। दोनों ने कार में एक युवक और युवती को देखा तो मामला संदिग्ध समझ उनसे पूछताछ के लिए कार के पास पहुंचे। इतने में ही कार चला रहे मैनेजर विवेक तिवारी ने गाड़ी बढ़ा दी।
 


आरोप है कि पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो युवक ने कार चढ़ाने की कोशिश की। इससे सिपाहियों को भी चोट आई और उनकी बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस पर भी जब कार नहीं रुकी तो सिपाही प्रशांत चौधरी ने फायरिंग कर दी। गोली सीधे जाकर विवेक के सिर में लगी। कुछ दूरी पर गाड़ी एक दीवार से टकराकर रुक गई।

जख्मी सिपाहियों का आठ घंटे बाद मेडिकल परीक्षण

आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप। - फोटो : amar ujala
विवेक के साथ कार में बैठी उनकी कंपनी की ही कर्मचारी सना ने बताया कि विवेक के सिर से खून बहता देख उसने मदद के लिए गुहार लगाई। कुछ देर बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तत्काल विवेक को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। 

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आईजी, एसएसपी समेत तमाम आलाधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया है। सना की तहरीर पर आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, घटना के करीब आठ घंटे बाद चोटिल हुए दोनों सिपाहियों का मेडिकल परीक्षण लोहिया अस्पताल में कराया गया। इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। 
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पत्नी ने सीएम से मांगा न्याय

कार के शीशे से पार हुई गोली का निशान। - फोटो : amar ujala
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि विवेक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपी सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए एसपी क्राइम के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम का गठन किया गया है। गोमतीनगर थाने को जांच न सौंपकर मामले की विवेचना महानगर एसएचओ को सौंपी गई है। इसके अलावा जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की गई है।

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एपल के सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने कहा है कि गोली मारकर हत्या करने के बाद लखनऊ पुलिस पति को चरित्रहीन साबित करने में लगी है। कल्पना ने सवाल उठाया कि गाड़ी न रोकने पर गोली चलाने का अधिकार पुलिस को किसने दिया। कल्पना तिवारी ने सीएम योगी को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि पीड़ित परिवार की जीविका चलाने के लिए उन्हें पुलिस विभाग में नौकरी दी जाए। इसके अलावा एक करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जाए। 
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