प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय आईटीआई की मदद से प्रशिक्षित 500 से अधिक ऑक्सीजन प्लांट ऑपरेटर सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। रीजनल डायरेक्ट्रेट ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (आरडीएटी) कानपुर के माध्यम से इन्हें ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही अस्पतालों में बने ऑक्सीजन प्लांट पर भी इन्हें कुछ घंटे का ऑन साइट प्रशिक्षण दिया गया है।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के संकट से निपटने के लिए प्रदेश भर में अस्पतालों में 500 से अधिक ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की जा चुकी है। कुछ की स्थापना की जा रही है। इन नए ऑक्सीजन प्लांट के संचालन के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आईटीआई ने उठाई थी। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने प्रत्येक जिले में 10-10 ऑपरेटर को प्रशिक्षित करने का कार्य अगस्त माह में शुरू किया था।
निदेशालय के संयुक्त निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मास्टर ट्रेनर ने थ्योरी के साथ ही प्रशिक्षुओं को सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट पर ऑन साइट प्रशिक्षण दिया है। ऑपरेटर को कुल 180 घंटे का प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके माध्यम से इन ऑपरेटर को ऑक्सीजन प्लांट पर रखा जाएगा। प्रशिक्षित ऑपरेटर की सूची सीएमओ को उपलब्ध कराई जा रही है।