आकांक्षी विकास खंड की तर्ज पर आकांक्षी (विकास के लिहाज से पिछड़े) शहरों में भी सीएम फेलोशिप प्रोग्राम लागू होगा। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही आकांक्षी शहरों के विकास के लिए इस तरह का विशेष कार्यक्रम शुरू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बन गया है। छोटे और पिछड़े शहरों के विकास के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई इस नई पहल के तहत युवाओं और नागरिकों को शहरी विकास, योजना प्रबंधन और मॉनिटरिंग में सक्रिय भागीदार बनाने का मौका दिया जाएगा।
बता दें कि योगी कैबिनेट ने हाल ही में 20 हजार से एक लाख तक की आबादी वाले 100 छोटे नगर निकाय वाले शहरों में मूलभूत शहरी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक संरचना के क्षेत्र में सुधार करते हुए रोजगार के नए अवसरों के सृजन के लिए ‘आकांक्षी नगर योजना’ को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत सीएम फेलोशिप प्रोग्राम एक महत्वपूर्ण कार्ययोजना है, जिससे शहरी विकास, योजना, प्रबंधन और मॉनिटरिंग में युवाओं को सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा ।
खास बात यह है कि सीएम फेलोशिप प्रोग्राम में बेहतर प्रदर्शन वाले फेलो को सरकारी क्षेत्र में प्लेसमेंट का मौका दिया जा सकता है। इस प्रोग्राम में आवेदन करने वाले युवकों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक और अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रखा गया है। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी की जानकारी होना अनिवार्य है। इस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आवेदकों को कंप्यूटर के साथ ही सूचना और संचार प्रौद्योगिकी पर काम करने की जानकारी भी होनी चाहिए। योग्यता पूरी करने वाला कोई भी आवेदक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकता है। इसके लिए नगर विकास विभाग की वेबसाइट http://anyurban.upsdc.gov.in/ पर जाकर आवेदन करना होगा। वेबसाइट पर पंजीकरण करने का काम शुरू हो गया है।
20 से 30 हजार रुपये होगा मानदेय
ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद फेलोशिप प्रोग्राम में लिए युवाओं चयन किया जाएगी। योग्यता के आधार पर 20 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह उनका मानदेय निर्धारित किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इसके बाद उनकी जिलों में तैनाती कर दी जाएगी।
योजना के तहत इन क्षेत्रों पर रहेगा मुख्य फोकस
- अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर
- सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर
- अर्बन लोकल गवर्नेंस
- इकॉनमिक ऑपर्च्युनिटी
-क्लाइमेट एंड डिजास्टर रेजिलिएंस