पर्यटन विभाग ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर विकसित व संचालित करने के लिए चार और राही पर्यटक आवास गृहों को दिया है। पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की उपस्थिति में बृहस्पतिवार को चार संस्थानों के साथ एमओयू किया। इन आवास गृहों को 30 साल के लिए लीज पर दिया गया है।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ने कहा कि जिन संस्थानों को यह आवास गृह दिए जा रहे हैं, वह पर्यटकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान दें। प्रयास करें कि पर्यटकों को सस्ती और अच्छी सुविधाएं मिलें। प्रदेश में डोमेस्टिक पर्यटन काफी तेजी से बढ़ा है। अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठता समारोह व महाकुंभ के मद्देनजर भी काफी संख्या में पर्यटक उत्तर प्रदेश आएंगे। हम उन्हें बेहतर सुविधाएं दें ताकि वह अन्य लोगों को इसके बारे में बताएं।
प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में 37 राही पर्यटक आवास गृह हैं। इसमें पांच राही पर्यटक आवास गृहों को पीपीपी मोड पर पूर्व में दिया जा चुका है। आज और चार का एमओयू हुआ है। शेष 26 के लिए भी प्रक्रिया चल रही है। निजी क्षेत्र के प्रशिक्षित/ विशेषज्ञ संस्थाओं व निवेशकों की ओर से इनका निर्माण व संचालन होने से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी व राजस्व में भी वृद्धि होगी।
आज जिन चार राही पर्यटक आवास गृह के लिए एमओयू हुआ, उसमें नीमसार सीतापुर के लिए माडर्न लैमिनेटर लिमिटेड, सोनौली महराजगंज के लिए होटल पवन पैलेस प्राइवेट लिमिटेड, कालिंजर बांदा के लिए करेबियन ओवरसीज प्रा. लि. और राधाकुंड मथुरा के लिए इनरसेल एलोय एंड स्टील प्रा. लि. शामिल है। इनको विभाग के नियमों के अनुसार होटल, मास एक्टिविटी सेंटर, रिज़ॉर्ट, म्यूजियम, रेस्टोरेंट/ बुटिक रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हाल, वेडिंग टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, होम-स्टे, थीमैटिक पार्क, वेलनेस सेंटर, हास्पिटेलिटी यूनिट के लिए प्रयोग किया जा सकेगा।