ऊर्जा विभाग की ओर से आठ नवंबर से एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू की गई है। यह 31 दिसंबर तक चलेगी। इसके तहत पंजीयन कराने वालों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है। अब तक करीब 6.25 लाख उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है।
प्रदेश में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में अब तक करीब 6.25 लाख लोगों ने पंजीयन कराया है। इस योजना में करीब 500 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हुई है। इस योजना में 30 नवंबर तक पंजीयन कराने वालों को शत प्रतिशत फायदा मिलेगा।
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ऊर्जा विभाग की ओर से आठ नवंबर से एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू की गई है। यह 31 दिसंबर तक चलेगी। इसके तहत पंजीयन कराने वालों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है। अब तक करीब 6.25 लाख उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। योजना के तहत दो तरह के लोग इसका लाभ ले रहे हैं। एक ओटीएस सामान्य और दूसरा ओटीएस बिजली चोरी करने वाले।
यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि उपभोक्ता 30 नवंबर से पहले रजिस्ट्रेशन करवाकर योजना से जुड़ सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता किसी भी विभागीय बिलिंग काउंटर पर, एसडीओ या एक्सीएन कार्यालय पर या यूपीपीसीएल की वेबसाइट पर योजना में पंजीकरण कर इसका लाभ ले सकते हैं।
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पूर्वांचल और मध्यांचल में सबसे ज्यादा डिमांड
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में 1.6 लाख से अधिक लोगों ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराया। यहां 143 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसी तरह मध्यांचल में 1.72 लाख से अधिक लोगों ने पंजीयन कराया, जिससे विभाग को 130 करोड़ से अधिक राजस्व की प्राप्ति हुई।
दक्षिणांचल में 1.43 लाख ने पंजीयन कराया और 93.55 करोड़ राजस्व वसूली, पश्चिमांचल में 1.40 लाख के पंजीयन पर 127 करोड़ से अधिक की राजस्व वसूली हुई। अंत में केस्को के तहत योजना का लाभ पाने के लिए 5500 से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया और 75 लाख के राजस्व की प्राप्ति हुई है।