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Lucknow News : रोजगार देने और रोजगार मांगने वालों में नोएडा के साथ लखनऊ शीर्ष पर, प्रयागराज से पिछड़ा कानपुर

Thu, 23 Nov 2023 12:50 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के नेशनल कैरियर सर्विस के मुताबिक यूपी में रोजगार के अवसर चार जिलों से फैलकर 29 जिलों से भी ज्यादा हो गए हैं। छोटे जिलों में भी नौकरियों के लिए न केवल भारी संख्या में आवेदन आ रहे हैं बल्कि नौकरियों के अवसर पर तैयार हो रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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रोजगार सृजन और रोजगार की मांग करने वाले शहरों में अब तक गौतमबुद्ध नगर और कानपुर ही सबसे आगे थे। पहली बार रोजगार और रोजगार पंजीकरण के मामले में गौतमबुद्धनगर के साथ लखनऊ ने संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। अप्रत्याशित रूप से प्रयागराज तीसरे स्थान पर आ गया है। कानपुर चौथे स्थान पर खिसक गया है।

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श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के नेशनल कैरियर सर्विस के मुताबिक यूपी में रोजगार के अवसर चार जिलों से फैलकर 29 जिलों से भी ज्यादा हो गए हैं। छोटे जिलों में भी नौकरियों के लिए न केवल भारी संख्या में आवेदन आ रहे हैं बल्कि नौकरियों के अवसर पर तैयार हो रहे हैं।

प्रदेश से रोजगार के लिए पलायन करने वालों की संख्या में कमी आ रही है। इसी का परिणाम है कि केवल बड़े ही नहीं बल्कि छोटे-छोटे जिलों में भी रोजगार के लिए पंजीकरण में अप्रत्याशित तेजी आई है। इसकी वजह स्थानीय बेल्ट में ही रोजगार के बढ़ते अवसर हैं जो युवाओं को पलायन से रोक रहे हैं।
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सकारात्मक बदलाव ये हुआ है कि रोजगार की संभावनाएं केवल नोएडा-गाजियाबाद तक सिमट कर नहीं रह गई हैं। लखनऊ इस मामले में सबसे बड़ा शहर बनकर उभरा है। पहले पायदान पर काबिज गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) को तगड़ी चुनौती देते हुए शीर्ष स्थान संयुक्त रूप से साझा किया है। प्रदेश के कुल रोजगार सृजन और मांग का कुल 32 फीसदी (16-16 फीसदी) अकेले नोएडा और लखनऊ के हिस्से आ गया है।

प्रयागराज औद्योगिक विकास की वजह से रोजगार का सबसे तेजी से उभरता नया केन्द्र बनकर सामने आया हैै। प्रदेश के कुल रोजगार सृजन और संभावनाओं का लगभग 9.57 फीसदी हिस्से पर प्रयागराज का कब्जा है। कानपुर का (8.51 फीसदी) के साथ चौथा स्थान है। जबकि पहले नोएडा के बाद इस मामले में कानपुर का नाम था।

दिलचस्प बात ये हैै कि झांसी और आगरा इस मामले में कानपुर को चुनौती दे रहेे हैं। इन दोनों शहरों की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी (7.45 फीसदी प्रत्येक) है। यानी दोनो ही शहर रोजगार के मामले में कानपुर से महज एक फीसदी दूर रह गए हैं।
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65 फीसदी रोजगार और मांग अकेले इन 6 शहरों में -
नोएडा, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, झांसी

रोजगार के मामले में इन 7 शहरों की लंबी छलांग -
बाराबंंकी (3.19 फीसदी),कन्नौज (3.19), काशीराम नगर (2.13 फीसदी), मथुरा (2.13 फीसदी), मेरठ (3.19 फीसदी), सहारनपुर (2.13 फीसदी) वाराणसी (3.19 फीसदी)

ये 17 छोटे जिले भी रोजगार के केन्द्र -
अलीगढ़, बलिया, चंदौली, फैजाबाद, फरुर्खाबाद, गाजीपुर, ज्योतिबा फुले नगर, कौशांबी, ललितपुर, मऊ, मिरजापुर, रायबरेली, सहारनपुर, संभल और भदोही

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