विजिलेंस ने जल निगम (सीएंडडीएस) के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक/सहायक अभियंता यूनिट-22 कमल कुमार खरबंदा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया है।
विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर ने उनके खिलाफ शासन के निर्देश पर संपत्तियों की खुली जांच की थी। जिसमें पाया गया कि उन्होंने अपने आय के समस्त वैध स्रोतों से 1.16 करोड़ रुपये अधिक व्यय किए हैं। तत्पश्चात विजिलेंस ने उनके खिलाफ शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू करने की अनुमति मांगी थी।
बता दें कि करीब चार साल तक चली विजिलेंस की खुली जांच में सामने आया कि मूल रूप से मध्य प्रदेश के रामपुर निवासी कमल कुमार खरबंदा का राजधानी के गोमतीनगर स्थित एल्डिको कॉलोनी और पेपर मिल कॉलोनी में आवास है।
शासन द्वारा उनके खिलाफ जांच के लिए निर्धारित अवधि के दौरान समस्त ज्ञात एवं वैध स्रोतों से कुल 62,26,940 रुपये की आय अर्जित की, जबकि इस अवधि के दौरान उन्होंने चल-अचल संपत्तियों को अर्जित करने तथा भरण-पोषण में कुल 1,78,11,443 रुपये व्यय किए। इस तरह उन्होंने अपनी वैध आय से 1.16 करोड़ रुपये अधिक व्यय किए।
जब उनसे इस अंतर के बारे में जवाब-तलब किया गया तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। तत्पश्चात, विजिलेंस की खुली जांच की रिपोर्ट पर शासन ने बीती 19 अप्रैल को केके खरबंदा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू करने का आदेश दिया था।