यूपी पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) का काम छीन करके तकनीकी कर्मियों को देने का सिलसिला शुरू किया कि जेई क्रमिक अनशन स्थगित करके काम पर वापस लौट आए हैं। दरअसल, ऐसे जेई को वेतन विसंगति से कम काम छिनने से अधिक नुकसान होने का अंदाजा था। इस संबंध में जूनियर इंजीनियर्स संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष जीवी पटेल व केंद्रीय महासचिव जय प्रकाश ने संयुक्त रूप से शनिवार को बयान जारी करके बताया कि संगठन ने शक्ति भवन पर चल रहे क्रमिक अनशन को 24 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
आंदोलन को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के अनुरोध पर स्थगित किया। बयान में कहा गया कि 24 अक्टूबर तक वेतन विसंगति सहित अन्य समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो फिर से अनशन शुरू कर देंगे। जबकि हकीकत में 14 अक्टूबर से काम का बहिष्कार करने वाले जेई की जगह पर तकनीकी कर्मियों को काम करने के आदेश जारी किये गये तो उनमें भगदड़ मच गई। इससे जेई का मनोबल कमजोर हुआ। साथ, ही 21 व 22 सितंबर को क्रमिक अनशन करने के दौरान जिन जेई ने काम भी नहीं किया और वेतन ले लिया उन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
226 में 122 अनुपस्थित
संगठन के 21 व 22 सितंबर के मध्यांचल मुख्यालय पर क्रमिक अनशन के दौरान दोनों लेसा जोन के 122 जेई अनुपस्थित रहे। कुल जेई की तैनाती 226 की है। इसमें ट्रांस गोमती जोन के कुल जेई 125 व सिस गोमती जोन के कुल जेई 101 शामिल हैं। ट्रांस गोमती के 38 व सिस गोमती के 84 जेई आंदोलन में शामिल हुए थे। यह रिपोर्ट चेयरमैन एम देवराज को भेजी गई।