लखनऊ में कृष्णानगर के आशुतोष नगर भोला खेड़ा में ट्रांसफार्मर के पास रविवार सुबह दिलीप तिवारी (32) का शव पड़ा मिला। मृतक चिकित्साधिकारी का चालक था। वह दो दिनों से लापता चल रहा था। परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जाहिर की है। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।
प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर आलोक राय के मुताबिक एलडीए कालोनी निवासी दिलीप तिवारी पेशे से चालक था। दिलीप बरेली में तैनात चिकित्साधिकारी की गाड़ी चलाता था। वह दो दिन पहले संदिग्ध हालात में लापता हो गया। उसकी तलाश क ीजा रही थी। रविवार सुबह दिलीप का शव आशुतोषनगर भोलाखेड़ा में ट्रांसफार्मर के पास पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस शव को बाहर निकाला। वहां मौजूद लोगों के मुताबिक युवक के चेहरे पर चोट के निशान थे। खून निकल रहा था। पुलिस ने तलाशी में मिले पहचान पत्र से शव की शिनाख्त दिलीप तिवारी निवासी सेक्टर जी एलडीए कालोनी के रूप में की।
सूचना पर पहुंचे दिलीप के बड़े भाई सतीश ने बताया कि भाई बरेली में तैनात चिकित्साधिकारी के घर पर गाड़ी चलाता था। चिकित्साधिकारी की पत्नी शिक्षिका हैं। भाई उन्हें ही स्कूल लाने ले जाने काम करता था। भाई शुक्रवार को घर से निकला था। उसके बाद से नहीं लौटा। काफी खोजबीन की गई पर कुछ पता नहीं चला। मोबाइल भी उसका स्विच आफ था। भाई की बाइक चिकित्साधिकारी के इंद्रलोक कालोनी स्थित घर में खड़ी मिली है। सतीश ने भाई की हत्या की आशंका जताई है। प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार राय के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।