ट्रांसप्लांट के लिए केजीएमयू से मानव लिवर लेकर निकली एंबुलेंस को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर केजीएमयू से दिल्ली महज डेढ़ घंटे में पहुंचा दिया। बुधवार की शाम 4 बजकर 28 मिनट पर शताब्दी अस्पताल से रवाना हुई।
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केजीएमयू के डॉक्टरों का कमाल
- फोटो : Amar Ujala
90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से एंबुलेंस महज 24 मिनट में अमौसी एयरपोर्ट पहुंची। बुधवार शाम जब एंबुलेंस केजीएमयू से निकली तो उसके आगे इंटरसेप्टर, एएसपी ट्रैफिक और एमसीआर की गाड़ियां सायरन बजाते हुए चल रही थीं।
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एएसपी ट्रैफिक हबीबुल हसन ने रूट क्लीयर कराने व ट्रैफिक कर्मियों को मुस्तैद होने का मैसेज जारी कराया। इसके बाद चौराहों पर ट्रैफिक सिपाही व नागरिक पुलिस अलर्ट हो गई।
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डालीगंज पुल पर एंबुलेंस की रफ्तार धीमी हो गई। हाइकोर्ट तिराहे पर सड़क पर ही आड़ी तिरछी खड़ी वकीलों की गाड़ियां कुछ पलों के लिए बाधा बनीं।
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ग्रीन कॉरिडोर में अहिमामऊ पास एक बुजुर्ग इंटरसेप्टर के आगे आ गया। इसके चलते यहां भी रफ्तार थम गई।
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- फोटो : Amar Ujala
केजीएमयू के शताब्दी हॉस्पिटल से अमौसी एयरपोर्ट तक की दूरी 28 किमी है। यहां पहुंचने में आमतौर पर एक घंटे से अधिक समय लगता है।
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- फोटो : Amar Ujala
ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर पर महज 24 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचा दिया। ग्रीन कारीडोर ने उसे आधे से कम समय में पहुंचाया गया।
हजरतगंज- हाइकोर्ट तिराहे के पास घुसीं गाड़ियां ग्रीन कॉरिडोर में एंबुलेंस को निकाले जाने बाद हाईकोर्ट तिराहे पर ट्रैफिक रुका होने बाद भी लोग वाहन लेकर घुस गए। ट्रैफिककर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की पर वह नहीं माने।