श्रीवास्तव की गिनती राजधानी वरिष्ठतम भाजपा नेताओं में रही। वह महानगर अध्यक्ष समेत कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर रहे। इसके बाद पहली बार वर्ष 1996 में पहली बार मध्य विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। इसके बाद वह लगातार दो बार मध्य विधानसभा से ही पुन: विधायक चुने गए।
वर्ष 2012 परिसीमन के बाद वह पश्चिम विधानसभा से चुनाव लड़े और चौथी बार हार गए। हालांकि पिछले वर्ष 2017 के चुनाव में वह फिर पश्चिम विधानसभा से ही विधायक चुने गए। उनका बड़ा बेटा डॉ. शैलेश व उसकी पत्नी गोमती नगर के सेंट जोसेफ़ हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं। बेटी वैज्ञानिक है। पत्नी महिला कॉलेज में शिक्षिका रहीं।