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जानें, किन-किन इलाकों से गुजरेगी लखनऊ मेट्रो

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आने वाले सालों में लखनऊ मेट्रो का दायरा व्यापक होने वाला है। शहर का लगभग हर हिस्से को मेट्रो कवर करेगी। अमौसी से मुंशीपुलिया और चारबाग से बसंतकुंज के बाद धीरे-धीरे मेट्रो रूट का विस्तार होगा और आने वाले 15 वर्षों यानी 2030 तक पूरा शहर मेट्रो से जुड़ जाएगा।
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मेट्रोमैन के इस दावे के बाद यह उम्मीद जगी है। ई.श्रीधरन ने 150 किलोमीटर तक मेट्रो चलाने की बात कही है, उसके 56 किमी रूट की टेक्नोफिजीबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार होने लगी है। इस पर करीब 40 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

मेट्रो रूट का विस्तार होने पर सबसे पहले शहीद पथ पर 19 किमी, गोमती नगर विस्तार में 3.50 किमी, पुराने रिंग रोड से सीतापुर रोड तक मेट्रो का नेटवर्क होगा।
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मेट्रो से जुड़ने वालों में खुर्रमनगर से गोल मार्केट तक, टेढ़ी पुलिया से कपूरथला तक, दूसरी ओर रायबरेली रोड पर पीजीआई तक और मवइया से मिल रोड होते हुए राजाजीपुरम की कॉलोनियों तक मेट्रो जाएगी।

एलएमआरसी के प्रधान सलाहकार डॉ. ई. श्रीधरन ने दावा किया कि राजधानी में 150 किलोमीटर तक मेट्रो रेल सेवा का संचालन होगा। फिलहाल 39 किलोमीटर के दो कॉरिडोर फाइनल हो चुके हैं। इसमें 23 किलोमीटर ट्रांसपोर्ट नगर से मुंशीपुलिया और 16 किलोमीटर चारबाग से बसंतकुंज की दूसरी लाइन होगी।

जबकि, रिंग लाइन, मिल रोड, गोमती नगर एक्सटेंशन लाइन की तीन और लाइनें भी प्रस्तावित हैं। इनके अलावा पूरे रिंग रोड पर, कुर्सी रोड,पीजीआई, राजाजीपुरम, सीतापुर रोड पर भी मेट्रो चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। ये प्लानिंग अगले 15 साल की है

अगले 15 साल में राजधानी में करीब 150 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क की प्लानिंग है। इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। हम शहर के लगभग सभी

इलाकों को लेकर बात कर रहे हैं। फिलहाल नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को साथ में जोड़ दिया गया है। (डॉ. ई. श्रीधरन, प्रधान सलाहकारलखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन)

2030 तक पूरे शहर को जोड़ेगी मेट्रो

शहीद पथ के दोनों ओर नई कॉलोनियों का बहुत तेजी से विकास अगले तीन साल में हो जाएगा। इसमें एलडीए, आवास विकास परिषद, निजी कंपनियों के अलावा चक गंजरिया सिटी को भी मेट्रो से जोड़ने की तैयारी है।

इससे सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को और फायदेमंद बनाया जा सकेगा। यहां आईटी सिटी, ट्रिपल आईटी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और ऐसे ही कई अन्य बड़े ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। जबकि, लाखों लोग भविष्य में यहां रहेंगी भी और नौकरी भी करेंगे। जबकि, शहीद पथ पर मेट्रो रेल परियोजना सस्ती भी पड़ेगी क्योंकि, यहां जमीन खरीदनी नहीं पड़ेगी।

इसके अलावा चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट को मेट्रो से जोड़ा जाएगा। एयरपोर्ट का नया मास्टर प्लान बनाने की जिम्मेदारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ने राइट्स को दी है। मेट्रो प्रोजेक्ट से एयरपोर्ट को कैसे फायदा पहुंचाया जाए, इस बारे में एलएमआरसी व राइट्स के बातचीत हुई है।

एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 और दो के बीच मेट्रो का अंडरग्राउंड स्टेशन बनाया जाएगा। फिलहाल मेट्रो कनेक्टिविटी नहीं दी जा रही लेकिन बाद में ऐसा संभव होगा। हवाई जहाज से आने जाने वाले लोगों को इससे बहुत अधिक लाभ होगा। मेट्रो उनको सीधे एयरपोर्ट के भीतर तक पहुंचाएगी।

उनको टैक्सी और अन्य साधनों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। आने वाले समय में मुंशीपुलिया से एयरपोर्ट तक बिना कोई वाहन बदले लोग 25 किलोमीटर दूर एयरपोर्ट मात्र 45 मिनट में पहुंच जाएंगे। इस संबंध में एयरपोर्ट का नया मास्टर प्लान बनाने वाली एजेंसी राइट्स को डिजाइन उपलब्ध करा दी गई है। राइट्स ने इसको बहुत पसंद भी किया है।

रिपोर्ट बना रहा डीएमआरसी

नॉर्थ साउथ और ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के बाद मेट्रो रेल के अन्य रूटों को लेकर कराई जा रही टेकभनोफिजीबिलिटी की शुरुआती रिपोर्ट आ गई है। इसका प्रस्तुतिकरण एलएमआरसी के अधिकारियों के समक्ष कर भी दिया गया है।

इसमें शुरुआती रूट्स और उन पर कितने यात्री मिलेंगे, ये जानकारी दी गई है। एलएमआरसी की ओर से जानकारियों को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है। सबसे पहले रिंग लाइन मेट्रो चलाने की शुरुआत होगी।

सीजी सिटी और कई नई कॉलोनियों को जोड़ा जा सकेगा। इसके अलावा पॉलीटेक्कि चौराहे से हाईकोर्ट कैंपस को नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर से जोड़े जाने का फैसला भी बहुत जल्द होने की संभावना है।

ऐसे में पुराना शहर, सीजी सिटी और न्यू हाईकोर्ट मेट्रो का अगला पड़ाव होगा। 56 किलोमीटर के इस रूट की रिपोर्ट बनाने के लिए डीएमआरसी प्रदेश सरकार से 2.80 करोड़ रुपये दिये थे।
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इन इलाकों की तैयार हो रही रिपोर्ट

• मिल एरिया लाइन (मवइया से राजाजीपुरम होते हुए विक्टोरिया स्ट्रीट से मेडिकल यूनिवर्सिटी चौराहे तक)
•रिंग लाइन (अमौसी एयरपोर्ट के पहले शहीद पथ पर 20 किमी लंबी लाइन फैजाबाद रोड से न्यू हाईकोर्ट)
•पॉलीटेक्निक चौराहा से न्यू हाईकोर्ट लिंक लाइन (न्यू हाईकोर्ट परिसर सीधे नॉर्थ-ईस्ट कॉरिडोर से जुड़ेगा)

कुछ और संभावित रूट

•नहरिया स्टेशन से पुराने जेल रोड से होते हुए पीजीआई वाया तेलीबाग
•अमौसी से राजाजीपुरम वाया मवइया मिल रोड।
•मुंशीपुलिया से सीतापुर रोड वाया रिंग रोड।
•सीतापुर रोड से पक्का पुल वाया खदरा-त्रिवेणी नगर।
•टेढ़ी पुलिया चौराहे से कपूरथला चौराहा।
•खुर्रम नगर चौराहे से गोल मार्केट चौराहा।
15 साल में 150 किमी नेटवर्क की प्लानिंग

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