समाज कल्याण विभाग के एक उच्चपदस्थ अधिकारी ने बताया कि प्रयागराज और रायबरेली के एक-एक संस्थान पर भी दोष सिद्ध हो गया है। इन संस्थानों ने भी वर्ष 2012-17 के बीच मिली छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई की राशि का सही उपयोग नहीं किया। फर्जी छात्र दिखाकर उनका डाटा अग्रसारित कर दिया। इस तरह से कथित छात्रों और स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ी राशि को ठिकाने लगाया गया है।
छात्रवृत्ति हड़पने के लिए दिखाए फर्जी छात्र
छात्रवृत्ति की रकम हड़पने वाले प्रयागराज व रायबरेली के संस्थानों ने जिन छात्रों का डाटा अग्रसारित किया था, उनमें से कई छात्रों ने जांच के दौरान बताया कि उन्होंने संबंधित पाठ्यक्रमों में दाखिला ही नहीं लिया था। छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई की राशि हड़पने के लिए उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया।
समाज कल्याण निदेशक बाल कृष्ण त्रिपाठी का कहना है कि कुछ संस्थानों को काली सूची में डाले जाने का निर्णय लिया गया है। इस बारे में विस्तृत जानकारी सोमवार को फाइल देखकर ही दे पाऊंगा।