चुनाव के लिए इस बार माइक्रो प्लानिंग की जा रही है। प्रभारियों सहित कई लोगों को सीटों के साथ जिलों में लगाया गया है। लखनऊ स्नातक व शिक्षक सीट के लिए 2 मार्च को लखनऊ में और 4 मार्च को गोरखपुर में बैठक होगी।
इसके बाद मेरठ, आगरा, बरेली, वाराणसी और प्रयागराज में बैठकें प्रस्तावित हैं। इनमें संबंधित सीट के अंतर्गत आने वाले जिलों के पार्टी कार्यकर्ताओं और चुनाव प्रभारियों को बुलाया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, इन बैठकों में प्रत्येक सीट के अंतर्गत आने वाले मतदान केंद्रों के अनुसार मतदाताओं की संख्या, बूथों की जिम्मेदारी संभालने वाले कार्यकर्ताओं के नाम, समीकरण, संभावित प्रत्याशियों की स्थिति सहित चुनावी प्रबंधन के बारे में विचार-विमर्श होगा। संबंधित सीटों से मिले फीडबैक के अनुसार चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
भाजपा ने पहले ही एक-एक वोट से संपर्क व संवाद का अभियान चला रखा है। अलग-अलग समूह बनाकर स्नातक व शिक्षक मतदाताओं का समर्थन जुटाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है।
इन चुनावों में मतदान केंद्र अपेक्षाकृत काफी कम होते हैं, जिस कारण मतदाताओं को मतदान के लिए दूर जाना पड़ता है। इसीलिए भाजपा ज्यादा चिंतित है। उसकी कोशिश एक-एक मतदाता को संबंधित मतदान केंद्र तक पहुंचाने की है।