लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयुक्त कॉलेजों में शिक्षकों की वास्तविक तैनाती और उनके डेटा में खेल चल रहा है। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों/प्राचार्यों की पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड नहीं हो रही है।
इसमें हाल में जुड़े चार जिलों हरदोई, सीतापुर, रायबरेली व लखीमपुर कॉलेजों के मामले ज्यादा हैं। खास यह है कि इसके लिए जितना जिम्मेदार कॉलेज है उससे कम विवि प्रशासन भी नहीं है। इससे इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नियमानुसार विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों/प्राचार्यों आदि की पूरी जानकारी विवि की वेबसाइट पर अपलोड होनी चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
पूर्व में कॉलेजों के औचक निरीक्षण में भी विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों को खुद इसमें गड़बड़ी मिली है। खास करके विश्वविद्यालय से संबद्ध कृषि कॉलेजों में।
खास बात यह कि अमर उजाला द्वारा बिना प्राचार्य, शिक्षकों की जानकारी के परीक्षा केंद्र का मुद्दा उठाने के चंद घंटे के अंदर ही कॉलेजों ने छुट्टी के दिन वेबसाइट पर कुछ कॉलेजों का डेटा अपडेट कर दिया।
इससे यह भी सवाल खड़ा होता है कि क्या शिक्षकों की जानकारी विवि के पास पहले से उपलब्ध थी, जिसे अपलोड नहीं कराया गया था।
साथ ही आननफानन में जिन शिक्षकों की जानकारी अपलोड की गई, वह सही भी है नहीं? यही नहीं, पिछले दिनों विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधा दर्जन से अधिक कृषि कॉलेजों को उनके यहां तैनात शिक्षकों की जानकारी न देने पर पत्र भी जारी किया था।
किंतु कॉलेजों ने इसकी जानकारी नहीं दी थी। दूसरी तरफ अमर उजाला द्वारा ‘लविवि: न प्राचार्य का पता, न शिक्षक का, और बना दिया केंद्र’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद छुट्टी के दिन भी कॉलेजों ने डेटा अपलोड कर दिया। यही वजह है कि इसे लेकर अन्य कॉलेज सवाल खड़ा कर रहे हैं।
विवि की सेमेस्टर परीक्षाएं आज से
लखनऊ विवि व सहयुक्त कॉलेजों में लॉ तीन वर्षीय व पांच वर्षीय पाठ्यक्रम, बीटेक, बीबीए, डीफार्मा, बीएससी एजी, एमएससी एजी आदि कोर्सों की सेमेस्टर परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो रही हैं। इसमें कुछ कोर्सों की इवेन सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित होगी तो बीएससी-एमएससी एजी की पहले सेमेस्टर की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए केंद्र आदि का निर्धारण पूरा हो चुका है।