सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपना दल (कमेरावादी) से 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर किसी तरह का गठबंधन न होने का एलान किया है। अखिलेश ने कृष्णा पटेल की अगुवाई वाले अपना दल (कमेरावादी) द्वारा प्रदेश की तीन सीटों पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा के एक दिन बाद अपना रुख साफ किया। इससे पहले समाजवादी गठबंधन से ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा और जयंत चौधरी का राष्ट्रीय लोक दल बाहर हो चुका है। भाजपा छोड़ सपा में आए स्वामी प्रसाद मौर्य भी अपना अलग दल बना चुके हैं।
चुनाव के बीच इंडिया गठबंधन में समाजवादी पार्टी के साथ रही अपना दल कमेरावादी के साथ गठबंधन टूट गया है। बृहस्पतिवार को इसका एलान खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किया। अपना दल कमेरावादी और सपा के गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2022 में गठबंधन था, 2024 में नहीं है। अब हम काफी आगे निकल चुके हैं। बाकी आप लोग समझदार हैं।
बताते चलें अपना दल कमेरावादी की नेता कृष्णा पटेल सपा से सीट पर बात न बनने पर बुधवार को मिर्जापुर सहित तीन सीटों पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा की थी। इसके कुछ ही देर बाद सपा ने मिर्जापुर सीट पर प्रत्याशी का एलान कर दिया था। इससे गठबंधन के बीच अनबन सार्वजनिक हो गई थी। बृहस्पतिवार को अखिलेश यादव ने गठबंधन न होने का एलान कर दिया।
बताते चलें वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कृष्णा पटेल के साथ अखिलेश यादव ने गठबंधन किया था। अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने सपा के सिम्बल पर कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और भाजपा के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को हराया था। लोकसभा चुनाव में अपना दल ने सीटें मांगी थीं लेकिन कोई आश्वासन न मिलने पर तीन सीटों पर लड़ने का एलान कर दिया। यहीं से दोनों दलों के बीच मतभेद गहरा गए थे।