रायबरेली। जिले में खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। कृषि विभाग का दावा है कि खाद का संकट नाममात्र है। जिले में 185 साधन सहकारी समितियां हैं। वहां पहुंच रहे किसानों को निराशा हाथ लग रही है। कहीं पर खाद नहीं है तो कहीं कम खाद होने से एक बोरी उर्वरक पाने के लिए मारामारी मची है।
जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के साधन सहकारी समिति धोबहा में 12 नवंबर को 500 बोरी डीएपी आई थी, जिसका वितरण महज दो दिन में ही हो गया। अब किसान समिति पर पहुंचकर बिना खाद लिए ही वापस लौट रहे हैं। साधन सहकारी समिति उड़वा, गोकुलपुर, टिकठमुसल्लेपुर में खाद न होने से किसान परेशान हैं। एडीओ कोऑपरेटिव रमेश चौधरी ने बताया है कि जल्द समितियों में खाद आ जाएगी।
ऊंचाहार ब्लाक क्षेत्र की साधन सहकारी समिति खुर्रमपुर, किशुनदासपुर, मतरौली, सवैया हसन, ऊंचाहार, खरौली, रामसांडा में खाद नहीं है। इससे किसान गेहूं, चना, मटर, सरसों की फसल की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। किसान राम दयाल, सुमेरे, राम बहादुर, रणवीर सिंह, दिनेश सिंह, जगन्नाथ मौर्य ने बताया कि खाद न होने से फसलों की बोआई प्रभावित है।
सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) रमेश कुमार ने बताया कि जिले में डीएपी पहुंच गई है। खाद समितियों को भेजी जा रही है। सतांव प्रतिनिधि के मुताबिक शनिवार को साधन सहकारी समिति कोरिहर में डीएपी का वितरण मनमाने तरीके से किया गया। वितरण के समय कृषि विभाग का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं रहा। समिति के सचिव ने मनमाने तरीके से खाद वितरित की। इससे किसानों को बैरंग लौटना पड़ा।
खाद वितरण में मनमानी का आरोप
किसानों ने खाद वितरण में मनमानी का अरोप लगाया है। रामबहादुर, संजय कुमार, देवतादीन, लालता प्रसाद ने आरोप लगाया कि समिति के सचिव डीएपी के साथ नैनो यूरिया देते हैं। जो किसान सचिव के खास है, उन्हें अधिक डीएपी की बोरी दी गई है। अन्य किसानों को एक-एक बोरी खाद दी गई है। सचिव हरिमोहन सिंह ने बताया कि हर किसान को एक-एक बोरी खाद दी गई है।
किसानों के आरोप गलत है। हलोर प्रतिनिधि के मुताबिक साधन सहकारी समिति लिमिटेड हलोर व साधन सहकारी समिति लिमिटेड कोटवा मोहम्मदाबाद में खाद का वितरण हुआ। ज्यादातर किसानों को खाद नहीं मिली। महराजगंज प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र की आठ साधन सहकारी समितियों मऊगर्वी, अतरेहटा समेत अन्य समितियों में खाद नहीं है। प्रभारी एडीओ कोऑपरेटिव सुनील सिंह ने बताया कि जल्द खाद की समस्या दूर होगी।