उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारियों ने कुछ प्रशासनिक सहूलियतें मांगी हैं। इसका समाधान निकालने के लिए जल्द ही दिल्ली में यहां के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। साढ़े चार साल में यूपी में कई मामलों में बेंचमार्क स्थापित हुआ है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी यहां काफी काम हुआ है।
आईआईटी-आईआईएम भी जाएं बाहर
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हमारे आईआईटी और आईआईएम विश्वस्तरीय हैं। यह बाहर भी जाएं, इसके लिए कई देशों से चर्चा हो रही है।
एनआईओएस से जुडेंगे यूपी संस्कृत बोर्ड के स्कूल भी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यूपी के संस्कृत बोर्ड को एनआईओएस (राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान) के फ्रेमवर्क से जोड़ेंगे। इसमें जो भी समस्याएं आ रही होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। दरअसल यूपी में संस्कृत शिक्षा बोर्ड से संबंद्ध स्कूलों को सभी मानक पूरा करने पर भी एनआईओएस के केंद्र नहीं दिए जाते हैं। जबकि, बिहार सरीखे राज्यों में अन्य बोर्डों को भी यह सुविधा हासिल है।
लखीमपुर की घटना पर बोलने से बचे
प्रेस कांफ्रेंस में लखीमपुर की घटना से संबंधित किसी भी सवाल का उत्तर देने से केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने परहेज किया। उन्होंने कहा कि यह सरकारी विभागों की समीक्षा का कार्यक्रम है। वह रविवार तक लखनऊ में हैं, इसलिए भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी होने के नाते अन्य सवालों के जवाब बाद में देंगे।
एक सवाल के जवाब में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अगर एनसीईआरटी की साइंस स्ट्रीम की किताबों में कुछ टॉपिक संक्षेप में दिए गए होंगे, तो उन्हें विस्तार देने के मामले में विचार किया जाएगा। हालांकि, वहां मौजूद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि इस पर यूपी सरकार ने पहले ही ध्यान दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को डीएलएड कराने पर पुन: विचार किया जाएगा।
शिक्षकों के खाली पद भरना प्राथमिकता : डॉ. दिनेश शर्मा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षकों के जो खाली पद अब भी हैं, उन्हें भी भरा जा रहा है। विज्ञापन जारी किए गए हैं।