आजादी के बाद से लेकर 2017 तक हुए विधानसभा चुनाव में सबसे कम वोट 1985 में इकौना विधानसभा में पड़े थे जबकि अब तक हुए 17 विधानसभा चुनावों में सर्वाधिक 2012 में भिनगा में 64.50 प्रतिशत मतदान का रिकॉर्ड रहा। यही नहीं अब तक हुए 17 चुनावों में नौ चुनाव फरवरी माह में हुए। मौसम अच्छा होने के बावजूद जिले में मात्र तीन बार ऐसा हुआ जब दोनों विधानसभा सीटों पर हुए मतदान का आंकड़ा पचास फीसदी या उसके पार गया हो।
आजादी के बाद पहली बार 28 मार्च, 1952 को विधानसभा चुनाव हुए थे। उस समय जिले की दोनों सीटें बहराइच ईस्ट के नाम से जानी जाती थीं। उस समय इस क्षेत्र के लिए दो विजेता चुने जाते थे। शिक्षा का अभाव हो या फिर जागरुकता की कमी पहले ही दौर में दोनों सीटों को मिलाकर 26.07 प्रतिशत मतदान हो पाया था। इसी के बाद 1957 में इस सीट का नाम बदल कर इकौना विधानसभा क्षेत्र सुरक्षित कर दिया गया। इस बार भी यहां दो विजेता चुने गए। पहले विधानसभा चुनाव में जहां जिले की दोनों सीटों पर वोट प्रतिशत 26 फीसदी से अधिक रहा। वहीं, 1985 में इकौना विधानसभा सीट के लिए मात्र 19.56 प्रतिशत मतदान हुआ। यह मतदान जिले के इतिहास में सबसे कम दर्ज किया गया जबकि 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में भिनगा विधानसभा सीट पर सर्वाधिक 64.50 प्रतिशत मतदान हुआ।
फरवरी में हुआ यह चुनाव
जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर सन 1962, 67, 69, 74, 85, 2002, 2012 व 2017 में फरवरी माह में ही चुनाव हुआ। इस दौरान जिले का मत प्रतिशत 41 से लेकर 64.50 के मध्य रहा। वहीं जब 1977 में नवंबर माह में उप चुनाव हुआ तो मत प्रतिशत गिरा। यही नहीं मतदान के दौरान मौसम चाहे जो रहा हो इकौना विधानसभा क्षेत्र का मत प्रतिशत भिनगा की अपेक्षा कम ही रहा।
चुनाव वर्ष विधानसभा क्षेत्र कुल मत मत प्रतिशत मतदान तिथि
1952 बहराइच ईस्ट 161662 26.07 ..........
1957 इकौना 167680 29.01 25-02-57