यूपी कोऑपरेटिव शुगर मिल फेडरेशन के एक अभियंता के रिटायर होने के दो साल बाद भी देयों के भुगतान में आनाकानी पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने नाराजगी जताई है। अदालत ने तीन महीने में ब्याज समेत पूरा भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने यह आदेश माधव पाल की याचिका पर दिए।
याची के अधिवक्ता राजीव कुमार त्रिपाठी ने अदालत को बताया कि याची 30 अप्रैल 2017 को यूपी कोऑपरेटिव शुगर मिल फेडरेशन में सहायक अभियंता पद से सेवानिवृत्त हुआ। याची के खिलाफ न कोई जांच लंबित है और न ही किसी तरह की विभागीय कार्यवाही।