सीतापुर के जहांगीराबाद मंडल में नशे में धुत होकर पहुंचे दूल्हे व उसकी दहेज में सोने की चेन मांग से नाराज होकर दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। लड़की वालों ने तिलक में दिया गया सामान वापस करा लिया और बारात बिन दुल्हन बैरंग लौट गई।
सदरपुर इलाके में रविवार की रात क्षेत्र के एक गांव में लड़की की बारात आई थी। यह बारात बाराबंकी जिले के फतेहपुर क्षेत्र के एक गांव से आई थी। बारात आने पर लड़की पक्ष के लोगों ने बारातियों को स्वागत सत्कार किया। बाद में नाश्ता कराया और पानी पिलाया। बारात द्वार पूजन के लिए लड़की के दरवाजे पर पहुंची।
इस दौरान बारात में बैंड बाजा न होने से लड़की वालों ने नाराजगी जताई, लेकिन यह रस्म पूरी हो गई। जिसके बाद बारातियों खाना खाया। इसके बाद जब दूल्हा फेरों के लिए मंडप के नीचे आया तो फेरों से पहले शराब के नशे में धुत दूल्हे और उसके पिता ने लड़की के पिता से 10 ग्राम सोने की चैन दहेज में मांगी और कहा कि जब सोने की चेन मिलेगी, तभी फेरे होंगे।
लड़की के पिता ने अपनी सामथ्र्य के अनुसार बाइक व डेढ़ दर्जन लोगों के कपड़े, 20 हजार की नगदी व लड़के के लिए कोट पैंट सहित तमाम सामान पहले ही दे दिया था। अब चेन की मांग कैसे पूरी करते। इतने में ही शराब के नशे में दूल्हा और उसके पिता को देखकर होने वाली दुल्हन भड़क गई।
उसने दहेज लोभी शराबी से शादी करने से इंकार कर दिया। दुल्हन बोली, पापा चाहे मुझे जान से मार दो, लेकिन शराबी से शादी नहीं करूंगी। इस पर लड़की वालों ने शादी से मना कर दिया और दोनों पक्षों में आपसी सहमति के बाद लड़के वालों ने तिलक में दिया गया सामान आदि वापस कर दिया और बारात बैंरग लौट गई।