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सीएए-एनआरसी मामले में पुलिस की ढिलाई पर हाईकोर्ट सख्त, पुलिस कमिश्नर से स्पष्ठीकरण तलब

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हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से मांगा स्पष्ठीकरण। - फोटो : ??? ?????
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से जुड़े प्रकरण में आरोपी शिया नेता डॉ. सैयद कल्बे सिब्तेन उर्फ नूरी के मामले में पुलिस की ढिलाई पर नाराजगी जाहिर की है।
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कोर्ट ने पहले नूरी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिलने के बाद राज्य सरकार की तरफ से जवाबी हलफनामा दाखिल न किए जाने को गैरजिम्मेदाराना कहा है।
अदालत ने सरकारी अधिवक्ता को समुचित निर्देश न उपलब्ध कराने पर लखनऊ के पुलिस कमिश्नर को 27 सितंबर तक इसका स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। साथ ही ताकीद किया कि पुलिस कमिश्नर की ओर से हलफनामा न दाखिल करने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना होगा।
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न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने बृहस्पतिवार को यह आदेश डॉ. कल्बे सिब्तेन की एक अग्रिम जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान दिया।
कोर्ट ने बीती 13 जुलाई को याचिका पर सुनवाई करते हुए याची को सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी से राहत देते हुए राज्य सरकार को मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था।
साथ ही मामले से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी पेश करने को कहा था, लेकिन कई मौके दिए जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया। नूरी के खिलाफ यह केस स्थानीय ठाकुरगंज थाने से संबंधित है।
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि कई बार पुलिस को पत्र व टेलीफोन के जरिए सूचना दी गई, लेकिन अब तक निर्देश नहीं मिले हैं।
इससे जवाब नहीं दाखिल हो पा रहा है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले में पुलिस द्वारा ढिलाई स्पष्ट दिख रही है जबकि आरोपी डॉ. कल्बे सिब्तेन गिरफ्तारी से अंतरिम राहत का आनंद उठा रहा है।
अदालत ने इस आदेश की कॉपी मुख्य सचिव समेत सभी संबंधित अफसरों को सूचना व अनुपालन के लिए भेजने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 27 सितंबर को नियत की है।
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