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बाबरी केस के मुद्दई हाशिम भी बोले ‘शंकर जी’ पर

Fri, 20 Feb 2015 10:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अयोध्या
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बाबरी मस्जिद केस के मुद्दई हाशिम अंसारी ने मुफ्ती मोहम्मद इलियास द्वारा भगवान शंकर को पहला पैगंबर बताने के बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि इस तरह का बयान देने वाला मुफ्ती नहीं हो सकता।
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उन्होंने जमीयत उलेमा पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि मुसलमान जमीयत उलेमा को नहीं मानता है। हाशिम अंसारी ने कहा कि हम एकता की बात करते हैं।

ये मौलवी एक तरफ लड़ाते हैं, दूसरी तरफ एकता की बात करते हैं। सारी दुनिया जानती है कि हर इंसान आदम की औलाद है। जब बाबरी मस्जिद में मूर्ति रखी तो ये मौलवी कहां थे।

जो मौलवी ये बयान दे रहा कि शंकर हमारे पहले पैगंबर है, वह हिंदू-हिंदुस्तान के मायने नहीं जानता। इलियास किस दारुल उलूम का पढ़ा लिखा है? आज तमाम मौलाना दारुल उलूम खोले हैं।
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उनके पास किस दारुल उलूम का डिप्लोमा है। मौलवी झूठ बोलता है। हाशिम ने कहा वह बलरामपुर के कार्यक्रम में वे शामिल नहीं होंगे। ये मुफ्ती नहीं हैं, यह मुफ्त के खाने वाले हैं।
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‘इस्लाम एक ईश्वरवाद पर आधा‌रित’

जमीयत उलमा के मुफ्ती इलियास के बयान का राजधानी के मुस्लिम संगठनों ने निंदा की है। संगठन व उलमा ने मुफ्ती के बयान को खारिज करते हुए कहा कि इस्लाम की नींव एक ईश्वरवाद पर आधारित है।

इस तरह के बयान से मुसलमान भटकने वाले नहीं हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रदेश सचिव मो. अतीक ने जमीयत उलमा-ए-हिन्द के मुफ्ती इलियास के बयान ‘शिवजी हमारे पहले पैगंबर थे।’

उनका कहना है कि मुफ्ती का बुनियादी अकीदा ही गड़बड़ है। उन्होंने मुफ्ती से इस पर अपना नजरिया साफ करने की अपील की है।

उधर, जमीयत उलमा यूपी के मौलाना अशहद रशीदी ने कहा कि इस्लाम एक ईश्वरवाद पर यकीन रखता है इसलिए मुसलमान अपने अकीदे पर पाबंद रहें। उन्होंने मुफ्ती इलियास के बयान की सख्त निंदा करते हुए कहा है कि इसका जमीयत से कोई नाता नहीं है।
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